सकारात्मक वैश्विक संकेतों, अमेरिका-ईरान शांति समझौते की उम्मीद और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से निवेशकों का भरोसा बढ़ा, जिससे भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली।