जापानी साझेदारों के साथ औद्योगिक सहयोग और मजबूत करने को उत्सुक पंजाब : अमन अरोड़ा
जापानी साझेदारों के साथ औद्योगिक सहयोग और मजबूत करने को उत्सुक पंजाब : अमन अरोड़ा
ख़बर ख़ास चंडीगढ़/एसएएस नगर—
जापान आधारित उद्योग जगत के नेताओं ने पंजाब को व्यापार और निवेश के लिए एक प्रमुख गंतव्य बताते हुए राज्य में मौजूद अनुकूल निवेश माहौल की सराहना की। यह विचार प्लाक्षा यूनिवर्सिटी में आयोजित प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट के दौरान आयोजित एक कंट्री सेशन में सामने आए। उद्योग प्रतिनिधियों ने कहा कि पंजाब की प्रगतिशील औद्योगिक सोच और सहयोगी प्रशासनिक व्यवस्था जापानी कंपनियों को राज्य में अपने निवेश और गतिविधियों का विस्तार करने के लिए प्रेरित कर रही है।
इस अवसर पर रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब उभरते क्षेत्रों में जापानी साझेदारों के साथ सहयोग को और मजबूत करना चाहता है। इनमें इंटीग्रेटेड ईवी और ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम, कृषि मशीनीकरण, स्मार्ट फार्मिंग टेक्नोलॉजी और स्वच्छ ऊर्जा समाधान जैसे क्षेत्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जापान लंबे समय से भारत का भरोसेमंद विकास साझेदार रहा है और उसकी कंपनियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, उन्नत विनिर्माण और मोबिलिटी क्षेत्रों में आधुनिक औद्योगिक क्षमताओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब आज मजबूत विनिर्माण आधार, कुशल मानव संसाधन और उत्तर भारत के प्रमुख बाजारों से रणनीतिक संपर्क के कारण वैश्विक साझेदारी के लिए आकर्षक केंद्र बन चुका है। उन्होंने बताया कि कृषि मशीनरी, ऑटोमोटिव मटेरियल और इंडस्ट्रियल कोटिंग्स जैसे क्षेत्रों में प्रतिष्ठित जापानी कंपनियों की सफल मौजूदगी भारत-जापान औद्योगिक सहयोग की मजबूती को दर्शाती है, जिसने निवेश के साथ-साथ विश्वस्तरीय प्रिसिजन इंजीनियरिंग और गुणवत्ता आधारित कार्य संस्कृति को भी बढ़ावा दिया है।
सतत विकास को प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि राज्य बायोमास उपयोग, नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा और सर्कुलर इकोनॉमी पहलों को सक्रिय रूप से आगे बढ़ा रहा है। साथ ही जापानी विनिर्माण दर्शन जैसे निरंतर सुधार और उच्च गुणवत्ता प्रबंधन के माध्यम से कौशल विकास पर भी जोर दिया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की औद्योगिक ताकत और जापान की तकनीकी विशेषज्ञता को मिलाकर दीर्घकालिक विनिर्माण और नवाचार साझेदारी विकसित की जा सकती है।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव गुरकिरत किर्पाल सिंह ने बताया कि पंजाब सरकार ने हाल ही में एक नई औद्योगिक नीति जारी की है, जिसमें 24 प्रमुख क्षेत्रों की पहचान की गई है। इन क्षेत्रों के विकास के लिए अग्रणी उद्योगपतियों की अध्यक्षता में समितियां गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि इन समितियों और उद्योग जगत से प्राप्त 77 प्रतिशत से अधिक सिफारिशों को राज्य सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि राज्य में राइट टू बिजनेस एक्ट लागू किया गया है, जिसके तहत औद्योगिक प्रस्तावों को 5 से 18 दिनों के भीतर सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान की जाती है। साथ ही निर्धारित 45 दिन की अवधि के बाद ‘डीम्ड अप्रूवल’ का प्रावधान भी है।
जापानी दूतावास के मंत्री यामाजाकी फुमियो ने कहा कि भारत और जापान, दोनों प्रमुख लोकतांत्रिक देश, विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं।
टोप्पन स्पेशलिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमित जैन ने बताया कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने हाल ही में जापान स्थित उनके मुख्यालय का दौरा किया था और कंपनी निकट भविष्य में पंजाब में 300 से 400 करोड़ रुपये तक का निवेश करने की योजना बना रही है।
यन्मार एग्रीकल्चरल मशीनरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट (ऑपरेशंस) सुमित कपलिश ने कहा कि कुशल मानव संसाधन, पारंपरिक कारीगरी और शांतिपूर्ण औद्योगिक माहौल के कारण कंपनी का पंजाब से मजबूत जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि स्वागतपूर्ण कारोबारी संस्कृति, उद्योग-अनुकूल नीतियां, आकर्षक प्रोत्साहन, भरोसेमंद बिजली आपूर्ति और उत्कृष्ट सड़क संपर्क ने कंपनी को राज्य में अपने संचालन का विस्तार करने के लिए प्रेरित किया है।
जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के प्रतिनिधि ताकु हिरोकी ने कहा कि दोनों देश आर्थिक सुरक्षा और उन्नत तकनीकों के क्षेत्र में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि इन्वेस्ट पंजाब समिट राज्य की व्यवसाय-अनुकूल औद्योगिक नीति के कारण जापानी कंपनियों के बीच निवेश के प्रति और अधिक रुचि पैदा करेगी।
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