करदाताओं को बकाया निपटाने का आखिरी मौका ओटीएस को मिला भरपूर समर्थन, 134.21 करोड़ रुपये की वसूली और कारोबारियों को 446.17 करोड़ रुपये की छूट दी टैक्स डिफॉल्टरों की 8,000 संपत्तियों की पहचान, यदि ओ.टी.एस. का तुरंत लाभ नहीं लिया तो जल्द होगी नीलामी
करदाताओं को बकाया निपटाने का आखिरी मौका ओटीएस को मिला भरपूर समर्थन, 134.21 करोड़ रुपये की वसूली और कारोबारियों को 446.17 करोड़ रुपये की छूट दी टैक्स डिफॉल्टरों की 8,000 संपत्तियों की पहचान, यदि ओ.टी.एस. का तुरंत लाभ नहीं लिया तो जल्द होगी नीलामी
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब सरकार ने ‘बकाया राशि की वसूली के लिए पंजाब एकमुश्त निपटारा योजना (ओटीएस), 2025’ में दो महीने के विस्तार का आधिकारिक ऐलान किया है। पहले इसकी अंतिम तिथि 31 मार्च, 2026 निर्धारित की गई थी, लेकिन अब आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मई, 2026 कर दी गई है।
पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां यह घोषणा करते हुए जोर देकर कहा कि यह विस्तार योग्य करदाताओं को अपने बकाया निपटाने और बड़ी वित्तीय राहत प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण और अंतिम अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने आगे चेतावनी दी कि कर विभाग ने पहले ही टैक्स डिफॉल्टरों से संबंधित 8,000 संपत्तियों की पहचान कर ली है, और यदि वे इस अंतिम अवसर का तुरंत लाभ नहीं उठाते हैं तो जल्द ही इनकी नीलामी की जाएगी।
यहां जारी एक प्रेस बयान के माध्यम से इस पहल की ताजा प्रगति के बारे में जानकारी साझा करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि इस योजना को पूरे राज्य में भरपूर और उत्साहजनक प्रतिक्रिया मिली है। उन्होंने कहा, “अब तक कर विभाग को सफलतापूर्वक 9,151 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस उत्साहजनक भागीदारी के चलते 134.21 करोड़ रुपये का कुल राजस्व एकत्र किया गया है, जो मौजूदा सरकार में करदाताओं के विश्वास और निरंतर राजस्व संग्रह का प्रतीक है। इसके अलावा, राज्य सरकार द्वारा 446.17 करोड़ रुपये की प्रभावी राहत दिए जाने से कारोबारियों को इस पहल का काफी लाभ हुआ है।”
पिछली ओ.टी.एस. योजनाओं की सफलता पर प्रकाश डालते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “वित्त वर्ष 2022-23 में ओ.टी.एस.-2 के तहत 2,487 आवेदन प्राप्त हुए और उनका निपटारा किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2023-24 में ओ.टी.एस.-3 के तहत लगभग 70,000 आवेदन निपटाए गए। यह ऐतिहासिक भागीदारी ऐसी योजनाओं की बड़ी क्षमता को दर्शाती है और संकेत देती है कि योग्य करदाताओं का एक बड़ा हिस्सा अभी भी मौजूदा 2025 योजना के तहत लाभ लेने से वंचित है।” उन्होंने कहा कि अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय सीधे तौर पर फील्ड से मिले फीडबैक के आधार पर लिया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य करदाताओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करना, चल रहे मुकदमों को काफी हद तक कम करना और राज्य के खजाने के लिए राजस्व वसूली को और बढ़ाना है।
तिथि में विस्तार की सुविधा देने के बावजूद, वित्त मंत्री ने जानबूझकर डिफॉल्टर बने लोगों को सख्त और स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यह बिल्कुल अंतिम अवसर होगा। उन्होंने कहा, “जो करदाता 31 मई, 2026 की अंतिम तिथि तक इस योजना में शामिल नहीं होंगे, उन्हें कानून के अनुसार सख्त वसूली कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। कर विभाग ने पहले ही बड़ी संख्या में डिफॉल्ट मामलों की सक्रिय रूप से पहचान कर ली है।”
वित्त मंत्री चीमा ने स्पष्ट किया कि जहां भी आवश्यक होगा, राज्य सरकार बकाया कर की वसूली के लिए संपत्तियों को जब्त करने और उनकी नीलामी की प्रक्रिया सख्ती से शुरू करेगी।
पंजाब सरकार के व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुराने कर विवादों को सुलझाने के लिए एक निष्पक्ष, पारदर्शी और अत्यंत कुशल प्रणाली प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा, “यह रणनीतिक पहल न केवल व्यापारिक समुदाय को उनके पुराने बकाया खत्म करने में मदद करती है, बल्कि राज्य की वित्तीय स्थिति को भी मजबूत बनाती है। सभी योग्य करदाताओं से जोरदार अपील है कि वे बढ़ाई गई अंतिम तिथि का लाभ उठाएं और भविष्य में किसी भी सख्त वसूली कार्रवाई से बचने के लिए अपने बकाया का तुरंत निपटारा करें।”
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