अखंड पाठ की समाप्ति के साथ मनाई गई ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी; अमृतसर में कड़ी सुरक्षा, जगह-जगह नाकेबंदी और निगरानी व्यवस्था लागू
अखंड पाठ की समाप्ति के साथ मनाई गई ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी; अमृतसर में कड़ी सुरक्षा, जगह-जगह नाकेबंदी और निगरानी व्यवस्था लागू
खबर खास | अमृतसर
शनिवार को अमृतसर में ऑपरेशन ब्लू स्टार की 42वीं बरसी के अवसर पर श्री हरिमंदिर साहिब (स्वर्ण मंदिर) परिसर स्थित श्री अकाल तख्त साहिब में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पूरे शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई और माहौल भावुक होने के साथ-साथ कुछ समय के लिए तनावपूर्ण भी हो गया।
धार्मिक कार्यक्रम की शुरुआत श्री अकाल तख्त साहिब में अखंड पाठ की समाप्ति के साथ हुई। हालांकि, अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज के संबोधन के बाद माहौल में तनाव देखने को मिला। उनके संदेश के पश्चात कुछ समर्थकों द्वारा खालिस्तान समर्थक नारे लगाए गए। साथ ही कई लोग अकाल तख्त साहिब के नीचे तलवारें लहराते और खालिस्तान समर्थक पोस्टर लेकर दिखाई दिए।
अपने संदेश में ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने कहा कि पंजाब सिखों की मातृभूमि है और विदेशों में रहने वाले सिख समुदाय के लोगों से अपने राज्य के साथ संबंध बनाए रखने की अपील की। उन्होंने परिवारों से आग्रह किया कि वे आने वाली पीढ़ियों को श्री हरिमंदिर साहिब लेकर आएं और विदेशों में बस जाने के बावजूद पंजाब की जमीन न बेचें।
जत्थेदार ने जगत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम, 2026 को लेकर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि सिख धार्मिक संस्थाओं और परंपराओं को कानूनी नियंत्रण में लाने तथा स्थापित संस्थानों को कमजोर करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
जून 1984 की घटनाओं को याद करते हुए गर्गज्ज ने कहा कि श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब में भारतीय सेना द्वारा चलाए गए अभियान में कई लोगों की मौत हुई थी। इनमें दमदमी टकसाल के प्रमुख जरनैल सिंह भिंडरांवाले, भाई अमरीक सिंह और सेवानिवृत्त मेजर जनरल शबेग सिंह शामिल थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान में टैंकों और भारी हथियारों के इस्तेमाल की घटना सिख इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्होंने बीबी सतनाम कौर और बीबी वाहेगुरु कौर सहित उन महिलाओं को भी श्रद्धांजलि अर्पित की, जिन्होंने उनके अनुसार अपने धर्म के लिए बलिदान दिया।
इस बीच प्रशासन ने अमृतसर में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हेरिटेज स्ट्रीट और आसपास के क्षेत्रों की निगरानी विस्तृत सीसीटीवी नेटवर्क के माध्यम से कर रहे हैं। शहरभर में 65 से अधिक नाके लगाए गए हैं, जिनमें गोल्डन गेट, पठानकोट-अमृतसर रोड और तरनतारन-अमृतसर रोड जैसे प्रमुख प्रवेश मार्ग शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियों ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, श्री दुर्गियाना मंदिर और श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी जांच अभियान तेज कर दिया है। यात्रियों और उनके सामान की गहन जांच की जा रही है। साथ ही लोगों को किसी भी लावारिस या संदिग्ध वस्तु की सूचना तुरंत प्रशासन को देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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