कहा, आप सरकार के कार्यकाल में 1.33 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज बढ़ा, कर्ज बढ़ना जारी बोले, पंजाब का भविष्य पीआर स्टंट्स के लिए गिरवी नहीं रख सकते मुख्यमंत्री
कहा, आप सरकार के कार्यकाल में 1.33 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का कर्ज बढ़ा, कर्ज बढ़ना जारी बोले, पंजाब का भविष्य पीआर स्टंट्स के लिए गिरवी नहीं रख सकते मुख्यमंत्री
खबर खास, चंडीगढ़ :
पूर्व उपमुख्यमंत्री और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पंजाब सरकार की तरफ से नए वित्त वर्ष की शुरुआत में 1500 करोड़ रुपए का कर्ज लेने पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इस नए कर्ज के साथ ही राज्य का कुल कर्ज 4 लाख करोड़ रुपए से अधिक हो गया है। जोकि इस साल के अंत तक पौने पांच लाख करोड़ रुपए तक पहुंचने की आशंका है। आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब को आर्थिक एमरजेंसी की तरफ ले जा रही है। विकास कार्य ठप हैं और राज्य के हर व्यक्ति पर 1.26 लाख रुपए से ज्यादा का कर्ज हो गया है।
रंधावा ने कहा कि सरकारी आंकड़ों के मुताबिक आम आदमी पार्टी की सरकार के कार्यकाल में इस कर्ज में 1.33 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा की बढ़ौतरी हो चुकी है। कर्ज का बड़ा हिस्सा पुरानी देनदारियों और मुफ्त बिजली और सब्सिडी में जा रहा है। 300 यूनिट मुफ्त बिजली का वादा पूरा करने के लिए हर साल बिजली बोर्ड को 20,400 करोड़ रुपए से ज्यादा की सब्सिडी देनी पड़ रही है।
उन्होंने चिंता जताई कि देश के अन्नदाता और पंजाब के किसान देश में प्रति किसान कर्ज के मामले में पहले स्थान पर पहुंच चुका है। आंकड़ों की मानें तो 37.62 लाख किसान खाता धारकों पर 1.04 लाख करोड़ रुपए से अधिक का कृषि ऋण है। उन्होंने कहा कि पंजाब कभी सोने की चिड़िया था और सोने जैसा अनाज पैदा करने वाले अन्नदाता कर्जदार बना हुए हैं।
रंधावा ने इस कदम की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार पंजाब के लोगों की भलाई की बजाय राजनीतिक दिखावे पर अधिक पैसा खर्च किया है। यह कर्ज राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञापन और मुख्यमंत्री की बार-बार की चार्टर्ड यात्राओं के लिए लिया गया है, न कि वास्तविक विकास के लिए लेकर खर्च किया गया। मुख्यमंत्री भगवंत मान पंजाब का भविष्य पीआर स्टंट्स के लिए गिरवी नहीं रख सकते। सरकार को पंजाब का कर्ज उतारने के लिए काम करने की जरूरत है।
वित्तीय विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि लगातार कर्ज लेने से राज्य की वित्तीय स्थिति पर दबाव बढ़ सकता है और स्वास्थ्य, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए कम संसाधन बचेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार को लिए जाने वाले कर्ज के इस्तेमाल में अधिक पारदर्शिता लानी चाहिए। सरकार आर्थिक स्थिरता और जनता की भलाई पर ध्यान दे। ताकि पंजाब में विकास काम तेजी से आगे बढ़ सकें और प्रति व्यक्ति पर कर्ज भी कम हो सके।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
Comments 0