आईकेजीपीटीयू के 14वें दीक्षांत समारोह में मुख्यमंत्री ने योग्यता के आधार पर 70 हजार सरकारी नौकरियां देने, शिक्षा में सुधार और आधुनिक सुविधाओं का किया उल्लेख; स्नातकों से नौकरी मांगने के बजाय रोजगार देने वाले बनने और प्रगतिशील पंजाब के निर्माण में योगदान देने की अपील
खबर खास | कपूरथला
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए शिक्षा व्यवस्था में बदलाव कर रही है। सरकार का लक्ष्य पंजाब के युवाओं को नौकरी मांगने वालों के बजाय रोजगार देने वाला बनाना है।
मुख्यमंत्री कपूरथला स्थित आई.के. गुजराल पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय (आईकेजीपीटीयू) के 14वें दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने योग्यता के आधार पर 70 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं और सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए कई कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने शिक्षा और रोजगार पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया, जिसके कारण अनेक युवाओं को बेहतर अवसरों की तलाश में विदेश जाना पड़ा। वर्तमान सरकार ऐसा माहौल तैयार करने के लिए काम कर रही है, जिसमें पंजाब के युवा राज्य में रहते हुए अपने सपने पूरे कर सकें और सफल करियर बना सकें।
पंजाब के भविष्य के लिए शिक्षा और खेल महत्वपूर्ण
मुख्यमंत्री मान ने कहा कि पिछले चार वर्षों में किए गए लगातार प्रयासों से पंजाब ने शिक्षा के क्षेत्र में पहला स्थान हासिल किया है। उन्होंने युवाओं से शिक्षा और खेलों को राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव बनाने की अपील की।
स्नातक की डिग्री प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उन्होंने कहा कि डिग्री केवल कागज का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि सपनों को साकार करने, लक्ष्य हासिल करने और समाज में सार्थक योगदान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, तकनीकी विशेषज्ञता और उद्यमशीलता की भावना का उपयोग करके समृद्ध और प्रगतिशील पंजाब के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए लगातार मेहनत करने के लिए प्रेरित किया। प्रसिद्ध पंजाबी कवि अवतार पाश का हवाला देते हुए उन्होंने युवाओं से कठिन परिस्थितियों में भी अपने सपनों को न छोड़ने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने कहा, “विद्यार्थी जीवन युवाओं को दुनिया की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करता है। सफलता के लिए दृढ़ संकल्प, अनुशासन, नवाचार और अलग ढंग से सोचने का साहस जरूरी है।”
उन्होंने कहा कि शिक्षा और विशेषज्ञता का उपयोग केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज के कल्याण और पंजाब की प्रगति के लिए भी किया जाना चाहिए।
सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रहीं
राज्य सरकार के शिक्षा सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, पहुंच, बुनियादी ढांचे और व्यावहारिक कौशल को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में फर्नीचर, स्मार्ट कक्षाओं और आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं की सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। विद्यार्थियों को नई तकनीकों और भविष्य के रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से नए और उपयोगी पाठ्यक्रम भी शुरू किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामान्य परिवारों के बच्चों को भी वही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अवसर मिलें, जो संपन्न परिवारों के बच्चों को उपलब्ध हैं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि शिक्षा सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए शिक्षा के तीनों विभागों के बीच समन्वय मजबूत किया गया है और इन्हें एक ही मंत्री के अधीन किया गया है।
उन्होंने कहा कि शिक्षकों को उन्नत शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराने और पंजाब की कक्षाओं में अंतरराष्ट्रीय स्तर की अच्छी प्रथाओं को लागू करने के लिए सिंगापुर और फिनलैंड भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षा को अधिक रोचक और वर्तमान जरूरतों के अनुरूप बनाने के लिए भी काम कर रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अन्य उभरती तकनीकों से विद्यार्थियों के लिए नए अवसर खुल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य युवाओं को तेजी से प्रतिस्पर्धी होती दुनिया में सफल होने के लिए आवश्यक ज्ञान, आत्मविश्वास और व्यावहारिक कौशल प्रदान करना है।
स्नातकों से प्रगतिशील पंजाब के निर्माण में योगदान देने की अपील
मुख्यमंत्री मान ने स्नातक विद्यार्थियों से राज्य के विकास में भागीदार बनने का आह्वान करते हुए कहा कि पंजाब को ऐसे युवाओं की जरूरत है, जो अपने विचारों को उद्यमों में बदल सकें, रोजगार पैदा कर सकें और दूसरों के लिए अवसर तैयार करें।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पंजाब में ही अपनी महत्वाकांक्षाएं पूरी करने के अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उन्हें बेहतर भविष्य की तलाश में विदेश जाने के लिए मजबूर न होना पड़े।
मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह को विद्यार्थियों के जीवन का महत्वपूर्ण पड़ाव बताया और उनके पेशेवर जीवन की सफलता की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि विद्यार्थी अपनी शिक्षा और कौशल का उपयोग समाज की भलाई के लिए करेंगे और प्रगतिशील तथा समृद्ध पंजाब बनाने में योगदान देंगे।
नशा तस्करी के मुद्दे पर भाजपा को घेरा
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मान ने नशा तस्करी के मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की आलोचना की। उन्होंने पार्टी से पंजाब को निशाना बनाने के बजाय गुजरात और देश के अन्य हिस्सों से होने वाली नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर ध्यान देने को कहा।
उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या से निपटने में विफलता का आरोप लगाने वालों को देश के दूसरे हिस्सों में नशा तस्करी से जुड़े सवालों का भी जवाब देना चाहिए।
केंद्र की भाजपा नीत सरकार पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने पूछा कि जब भाजपा केंद्र और गुजरात में सत्ता में है, तो गुजरात के बंदरगाहों और देश के अन्य हिस्सों के रास्ते नशीले पदार्थों की आपूर्ति कैसे जारी है।
उन्होंने कहा, “पंजाब चुनिंदा आलोचना और राजनीतिक प्रचार के जरिए अपनी छवि खराब करने की अनुमति किसी को नहीं देगा, जबकि नशे के कारोबार के व्यापक राष्ट्रीय पहलुओं की अनदेखी की जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पर नशा तस्करी को लेकर सवाल उठाने वालों को इस समस्या से निपटने में अपने प्रदर्शन का भी हिसाब देना चाहिए।
दीक्षांत समारोह के समापन पर मुख्यमंत्री मान ने दोहराया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल, नवाचार और रोजगार सृजन पंजाब के युवाओं को सशक्त बनाने तथा राज्य का भविष्य संवारने के लिए बेहद जरूरी हैं।
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