वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बोले—योजना के तहत अब तक ₹167.23 करोड़ जमा, टैक्स, ब्याज और जुर्माने में ₹534.54 करोड़ की राहत
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा बोले—योजना के तहत अब तक ₹167.23 करोड़ जमा, टैक्स, ब्याज और जुर्माने में ₹534.54 करोड़ की राहत
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कराधान मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शुक्रवार को कहा कि प्री-जीएसटी कर बकाया के निपटारे के लिए शुरू की गई पंजाब वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस-2025) योजना को करदाताओं से जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।
योग्य करदाताओं को लंबे समय से लंबित कर विवादों का समाधान करने और व्यापक कानूनी राहत प्राप्त करने का अंतिम अवसर देने के लिए राज्य सरकार ने इस योजना की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 से बढ़ाकर 30 सितंबर 2026 कर दी है।
सरकारी प्रेस बयान के अनुसार, 30 जुलाई 2026 तक आबकारी एवं कराधान विभाग को 9,782 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल ₹437.51 करोड़ की कर मांग शामिल है। इन मामलों में करदाताओं ने अब तक ₹167.23 करोड़ जमा कराए हैं, जबकि सरकार ने टैक्स, ब्याज और जुर्माने में कुल ₹534.54 करोड़ की राहत प्रदान की है।
हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये आंकड़े पंजाब सरकार की पारदर्शी, उद्योग-अनुकूल और व्यापार समर्थक नीतियों में करदाताओं के बढ़ते विश्वास को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य वर्षों पुराने कर विवादों को समाप्त कर उद्योगों और व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर देना है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार पुराने वैट डिफॉल्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। विभाग ने संपत्तियों की कुर्की और नीलामी की प्रक्रिया तेज कर दी है तथा अब तक इन कार्रवाइयों के माध्यम से ₹12.39 करोड़ से अधिक की वसूली की जा चुकी है।
मंत्री ने बताया कि कई करदाताओं ने विभाग द्वारा कुर्की और नीलामी की कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद ओटीएस योजना के तहत अपने बकाया का निपटारा करने का फैसला लिया।
उन्होंने शेष 9,386 पात्र करदाताओं से अपील की कि वे 30 सितंबर 2026 से पहले योजना का लाभ उठाकर ब्याज और जुर्माने में 100 प्रतिशत छूट तथा निर्धारित स्लैब के अनुसार मूल कर राशि में भी पर्याप्त राहत प्राप्त करें।
हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि यह अंतिम विस्तार है और इसके बाद योजना की अवधि आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बाद विभाग कर कानूनों और पंजाब भूमि राजस्व अधिनियम के तहत वसूली अभियान को और तेज करेगा। इसके अंतर्गत बैंक खाते सील करना, संपत्तियां कुर्क करना तथा उनकी नीलामी जैसी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने अगस्त 2026 में लगभग ₹48.48 करोड़ की बकाया राशि की वसूली के लिए 13 नीलामी प्रक्रियाएं निर्धारित की हैं। संबंधित करदाताओं को सलाह दी गई है कि वे नीलामी की तारीखों से पहले ओटीएस योजना के तहत अपने मामलों का निपटारा कर लें, ताकि सख्त कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।
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