राजस्व विभाग के दस्तावेजों में आम लोगों की समझ के अनुसार होगा शब्दों का इस्तेमाल, राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने अधिकारियों को नए शब्दों का प्रयोग सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
राजस्व विभाग के दस्तावेजों में आम लोगों की समझ के अनुसार होगा शब्दों का इस्तेमाल, राजस्व मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने अधिकारियों को नए शब्दों का प्रयोग सुनिश्चित करने के दिए निर्देश
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
पंजाब में जमीन और संपत्ति की खरीद-फरोख्त से जुड़े दस्तावेज अब आम लोगों के लिए पहले से अधिक सरल और समझने योग्य होंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने संपत्ति पंजीकरण से संबंधित दस्तावेजों में लंबे समय से इस्तेमाल किए जा रहे 35 कठिन और पारंपरिक शब्दों के स्थान पर आसान पंजाबी शब्दों का प्रयोग करने का फैसला किया है। सरकार के इस कदम का उद्देश्य आम नागरिकों को सरकारी दस्तावेजों और संपत्ति से जुड़े मामलों को समझने में होने वाली परेशानी से राहत देना है।
राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि सरकार सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और आम लोगों के अनुकूल बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संपत्ति पंजीकरण के दौरान इस्तेमाल होने वाली कठिन भाषा के कारण कई बार लोगों को दस्तावेज समझने के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इसी समस्या को दूर करने के लिए पुराने कठिन शब्दों की जगह सरल और सहज पंजाबी शब्दों को अपनाया गया है।
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के बाद राजस्व एवं पुनर्वास विभाग ने इस संबंध में एक विशेष कमेटी का गठन किया था। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर 35 कठिन शब्दों के स्थान पर 35 आसान शब्दों को अपनाने का निर्णय लिया गया है। इनमें ‘उजर’ की जगह ‘एतराज़’, ‘अराज़ी’ की जगह ‘ज़मीन’, ‘हिब्बा’ की जगह ‘दान’, ‘दाखिल-खारिज’ की जगह ‘इंतकाल’, ‘फ़र्द’ की जगह ‘नकल जमाबंदी’ और ‘बैनामा’ की जगह ‘बिक्रीनामा’ जैसे सरल शब्द शामिल हैं।
इसके अलावा ‘तकावी’ के स्थान पर ‘कृषि ऋण’, ‘देह’ की जगह ‘पिंड’, ‘फ़ौत’ की जगह ‘मौत’, ‘मुश्तरका’ की जगह ‘संयुक्त’ और ‘मनसूख करना’ की जगह ‘रद्द करना/खारिज करना’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया जाएगा।
राजस्व मंत्री ने बताया कि महानिरीक्षक पंजीकरण और सभी उपायुक्तों को पुराने तथा नए अनुशंसित शब्दों की सूची भेज दी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि संपत्ति पंजीकरण से जुड़े दस्तावेजों में नए सरल शब्दों का इस्तेमाल प्राथमिकता के आधार पर सुनिश्चित किया जाए। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से आम नागरिकों के लिए भूमि और संपत्ति संबंधी सरकारी प्रक्रिया अधिक सरल और सहज बनेगी।
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