हिमाचल के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी; उत्तर भारत में तेज हवाओं, बिजली चमकने और बारिश की संभावना, केरल के करीब पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून
हिमाचल के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी; उत्तर भारत में तेज हवाओं, बिजली चमकने और बारिश की संभावना, केरल के करीब पहुंचा दक्षिण-पश्चिम मानसून
खबर खास | चंडीगढ़
देशभर में अगले एक सप्ताह के दौरान मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने कई राज्यों में व्यापक बारिश, आंधी-तूफान, ओलावृष्टि और तेज हवाओं की संभावना जताई है।
यह बदलाव ऐसे समय में हो रहा है जब दक्षिण-पश्चिम मानसून केरल के करीब पहुंच चुका है, जो देश में वार्षिक मानसून सीजन की शुरुआत का संकेत माना जाता है।
आईएमडी के अनुसार, उत्तर-पश्चिम, मध्य, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में मौसम गतिविधियां तेज होंगी। आने वाले दिनों में कई राज्यों में गरज-चमक के साथ बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।
पंजाब और हरियाणा में, जहां पिछले कुछ सप्ताह से गर्म मौसम बना हुआ है, 4 जून से 6 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। चंडीगढ़ और दिल्ली में भी इसी तरह का मौसम रहने की संभावना है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 4 और 5 जून को हल्की बारिश, धूल भरी आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे बढ़ती गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
हिमाचल प्रदेश में मौसम अधिक गंभीर रह सकता है। मौसम विभाग ने 4 जून के लिए कांगड़ा, मंडी, कुल्लू, शिमला और सिरमौर जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में ओलावृष्टि, गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
पड़ोसी राज्य उत्तराखंड में भी मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, देहरादून और टिहरी जिलों में भारी बारिश, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया गया है। आईएमडी ने चेतावनी दी है कि राज्य के कई हिस्सों में तीव्र वर्षा हो सकती है, जबकि 4,200 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना है।
वहीं, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी बारिश, गरज-चमक और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं, क्योंकि पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में मौसम प्रणालियां सक्रिय बनी हुई हैं।
आईएमडी ने प्रभावित क्षेत्रों के लोगों से स्थानीय मौसम पूर्वानुमानों पर नजर रखने और आंधी, बिजली गिरने तथा तेज हवाओं के दौरान जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन करने की अपील की है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब के शहरों को कचरा मुक्त बनाने के लिए स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाए: डॉ. रवजोत सिंह
November 13, 2024
Comments 0