12 से 18 वर्ष की लड़कियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास पर रहेगा फोकस; संवेदनशील इलाकों में स्कूल छोड़ चुकी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की किशोरियों तक भी पहुंचेगा अभियान