12 से 18 वर्ष की लड़कियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास पर रहेगा फोकस; संवेदनशील इलाकों में स्कूल छोड़ चुकी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की किशोरियों तक भी पहुंचेगा अभियान
12 से 18 वर्ष की लड़कियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास पर रहेगा फोकस; संवेदनशील इलाकों में स्कूल छोड़ चुकी और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की किशोरियों तक भी पहुंचेगा अभियान
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब पुलिस ने 12 से 18 वर्ष की किशोरियों के लिए व्यापक जागरूकता और सशक्तिकरण अभियान शुरू किया है। इसका मुख्य उद्देश्य किशोरियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और समग्र विकास को बढ़ावा देना है।
इस पहल की शुरुआत से पहले लुधियाना पुलिस लाइंस के सम्मेलन कक्ष में विशेष पुलिस महानिदेशक (सामुदायिक मामले प्रभाग) गुरप्रीत कौर देव की अध्यक्षता में समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रमुख सरकारी विभागों, स्वास्थ्य संस्थानों, शैक्षणिक संस्थानों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अभियान के तहत जमीनी स्तर पर लागू किए जाने वाले कार्यक्रमों और जागरूकता गतिविधियों की रूपरेखा तैयार की गई।
इस पहल के तहत विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, जहां सामाजिक-आर्थिक स्थिति कमजोर है और किशोरियों के खिलाफ अपराध का जोखिम अधिक है। बैठक को संबोधित करते हुए विशेष पुलिस महानिदेशक गुरप्रीत कौर देव ने कहा कि अभियान का उद्देश्य जागरूक, आत्मविश्वासी और मानसिक रूप से मजबूत किशोरियों की ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो सुरक्षित फैसले लेने के साथ समाज में सकारात्मक योगदान दे सके।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य, पोषण, मासिक धर्म स्वच्छता, कानूनी और सुरक्षा संबंधी जागरूकता, डिजिटल और वित्तीय साक्षरता, भावनात्मक मजबूती, नेतृत्व क्षमता, करियर मार्गदर्शन, संवाद कौशल और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक पहुंच जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा।
अभियान का दायरा केवल नियमित शैक्षणिक संस्थानों तक सीमित नहीं रहेगा। इसके तहत स्कूल छोड़ चुकी लड़कियों, आर्थिक रूप से कमजोर और प्रवासी परिवारों की किशोरियों, दिव्यांग लड़कियों तथा बाल मजदूरी या कम उम्र में विवाह के जोखिम वाली किशोरियों तक भी पहुंच बनाई जाएगी।
जागरूकता अभियान के तहत स्वास्थ्य जांच, व्यावसायिक प्रशिक्षण, संवादात्मक पर्चों, नुक्कड़ नाटकों और लक्षित सामाजिक माध्यम अभियानों का आयोजन किया जाएगा। जागरूकता सामग्री पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में तैयार की जाएगी। अभियान को प्रभावी बनाने के लिए स्कूलों, कॉलेजों, अभिभावकों, शिक्षकों, गैर-सरकारी संगठनों और सामुदायिक नेताओं को भी सक्रिय रूप से जोड़ा जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित हो और अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाया जा सके।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जांच-सह-जिला सामुदायिक पुलिसिंग अधिकारी) लुधियाना रुपिंदर भट्टी, सिविल सर्जन डॉ. रामनदीप कौर, डीएमसी लुधियाना के सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. अनुराग चौधरी, जिला बाल संरक्षण अधिकारी रश्मि, शिक्षा विभाग के प्रिंसिपल अमनदीप सिंह, डू गुड फाउंडेशन की जैस्मिन पाहवा और चंडीगढ़ स्थित आईडीआरएफ के शोधकर्ता मौजूद रहे।
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