1,532 घोषित अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, नशीले पदार्थ और अपराध से जुड़ी संपत्ति बरामद
1,532 घोषित अपराधी गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक, नशीले पदार्थ और अपराध से जुड़ी संपत्ति बरामद
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब पुलिस के प्रमुख अभियान ‘गैंगस्टरों के खिलाफ युद्ध’ (Gangstran Te Vaar) ने 200 दिन पूरे कर लिए हैं। इस दौरान पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ राज्यभर में बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए 1,09,087 छापे मारे। अभियान के तहत 1,532 घोषित अपराधियों (Proclaimed Offenders) को गिरफ्तार किया गया, जबकि 58,212 अपराधियों और उनके सहयोगियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस ने इस दौरान बड़ी मात्रा में अवैध हथियार, विस्फोटक, नशीले पदार्थ, नकदी और अपराध से जुड़ी अन्य संपत्तियां भी बरामद की हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार के तहत शुरू किया गया यह अभियान खुफिया जानकारी पर आधारित कार्रवाई पर केंद्रित है। इसका उद्देश्य संगठित अपराध गिरोहों को केवल गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करना है। इसके लिए लक्षित पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों के बीच समन्वय, वित्तीय जांच और तकनीक आधारित पुलिसिंग का इस्तेमाल किया जा रहा है।
गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं : DGP
पंजाब के DGP गौरव यादव ने कहा कि अभियान अब पारंपरिक पुलिस कार्रवाई से आगे बढ़ चुका है और संगठित अपराध को सहयोग देने वाले पूरे तंत्र को निशाना बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘गैंगस्टरों के खिलाफ युद्ध’ के पहले 200 दिनों ने लगातार और खुफिया-आधारित पुलिसिंग के प्रभाव को साबित किया है। पुलिस की रणनीति केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि अपराधियों के सहयोगियों, वित्तीय स्रोतों, लॉजिस्टिक्स, संचार माध्यमों और विदेशों में मौजूद नेटवर्क को भी निशाना बनाया जा रहा है। पंजाब पुलिस का लक्ष्य देश के अंदर या बाहर सक्रिय गैंगस्टरों के लिए कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं छोड़ना है।
1 लाख से ज्यादा लोगों पर पुलिस कार्रवाई
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, अभियान के दौरान:
हथियारों और विस्फोटकों की बड़ी बरामदगी
संगठित अपराध गिरोहों की आपराधिक क्षमता को कमजोर करने के लिए पंजाब पुलिस ने हथियारों और लॉजिस्टिक्स के नेटवर्क पर भी बड़ी कार्रवाई की। अभियान के दौरान:
बरामद किए गए। अधिकारियों के मुताबिक, इन बरामदगियों से राज्य में सक्रिय संगठित अपराध नेटवर्क की हथियारों से जुड़ी क्षमता को बड़ा झटका लगा है।
ड्रग्स और गैंगस्टर नेटवर्क पर भी शिकंजा
अभियान के तहत संगठित अपराध और नशा तस्करी के बीच गठजोड़ को तोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस ने इस दौरान:
बरामद कीं।
इसके अलावा पुलिस ने 1.73 करोड़ रुपये की ड्रग मनी, 1.80 करोड़ रुपये की नकदी और 413.85 ग्राम सोना भी जब्त किया। पुलिस के अनुसार, इन कार्रवाइयों से संगठित अपराध और नशा तस्करी को आर्थिक रूप से संचालित करने वाले नेटवर्क को नुकसान पहुंचा है।
अतिरिक्त DGP और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) के प्रमुख प्रमोद बान ने कहा कि अब अभियान का फोकस केवल अपराधियों की गिरफ्तारी पर नहीं, बल्कि उनके वित्तीय, डिजिटल और विदेशी नेटवर्क को खत्म करने पर है।
उन्होंने कहा कि आज संगठित अपराध वित्तीय नेटवर्क, डिजिटल संचार और विदेशों में बैठे हैंडलरों के जरिए संचालित हो रहा है। इसलिए जांच में जमीनी कार्रवाई के साथ वित्तीय ट्रैकिंग, डिजिटल इंटेलिजेंस और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है। इसी रणनीति के जरिए जबरन वसूली के नेटवर्क का भंडाफोड़ करने, विदेशों में बैठे हैंडलरों की पहचान करने और वांछित अपराधियों के निर्वासन तथा प्रत्यर्पण की कार्रवाई में मदद मिली है।
उन्होंने कहा कि अभियान का एक उद्देश्य युवाओं को गैंगस्टर संस्कृति से जुड़े कथित ग्लैमर के प्रभाव से दूर करना भी है। उन्होंने कहा कि यह ग्लैमर वास्तव में अपराध और विनाश की ओर ले जाने वाला भ्रम है।
विदेशों में छिपे गैंगस्टरों को वापस लाया गया
अभियान की प्रमुख उपलब्धियों में विदेशों में छिपे वांछित गैंगस्टरों को भारत वापस लाना भी शामिल है। कार्रवाई के तहत मध्य एशिया से भगोड़े गैंगस्टर भुवनेश चोपड़ा उर्फ आशीष चोपड़ा और इंडोनेशिया के जकार्ता से गैंगस्टर जोगनजीत सिंह उर्फ जोबन बिल्ला को भारत लाया गया।
इन अभियानों को AGTF ने OFTEC पंजाब और केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर अंजाम दिया। इससे पंजाब पुलिस की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांछित अपराधियों तक पहुंच बनाने और उन्हें कानून का सामना करने के लिए भारत वापस लाने की क्षमता सामने आई है।
शराब, ड्रोन और आपराधिक ढांचे पर भी कार्रवाई
अभियान के दौरान गैंगस्टरों और नशा तस्करों के अलावा अवैध शराब और अपराध में इस्तेमाल होने वाले संसाधनों पर भी कार्रवाई की गई। पुलिस ने:
बरामद या जब्त किए।
पुलिस का कहना है कि इन कार्रवाइयों से अपराधियों के लॉजिस्टिक्स और आपराधिक बुनियादी ढांचे को कमजोर करने में मदद मिली है।
पंजाब पुलिस ने आम लोगों को भी अभियान से जोड़ने के लिए AGTF की गुप्त सूचना हेल्पलाइन 93946-93946 शुरू की है। इस नंबर पर लोग वांछित अपराधियों, गैंगस्टरों और उनसे जुड़ी गतिविधियों के बारे में गोपनीय तरीके से जानकारी साझा कर सकते हैं।
AGTF ने विश्वसनीय सूचना देने वाले लोगों के लिए नकद इनाम की नीति भी शुरू की है। ऐसी जानकारी, जिसके आधार पर वांछित गैंगस्टरों या अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई होती है, उसके लिए इनाम दिया जाएगा। पुलिस ने सूचना देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखने का भरोसा दिया है।
200 दिनों तक लगातार चले इस अभियान के बाद पंजाब पुलिस ने ‘गैंगस्टरों के खिलाफ युद्ध’ को संगठित अपराध के खिलाफ एक दीर्घकालिक और खुफिया-आधारित अभियान के रूप में आगे बढ़ाया है। इसका लक्ष्य केवल गैंगस्टरों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उनके वित्तीय, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0