छात्रों को ‘जनरेशन गटर’ कहने के बयान पर वकील ने दायर किया मामला, जंतर मंतर प्रदर्शन को लेकर बढ़ा विवाद
छात्रों को ‘जनरेशन गटर’ कहने के बयान पर वकील ने दायर किया मामला, जंतर मंतर प्रदर्शन को लेकर बढ़ा विवाद
ख़बर ख़ास | नई दिल्ली
आगरा में बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों को कथित तौर पर “जनरेशन गटर” कहने के मामले में राजीव गांधी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं अधिवक्ता रामाशंकर शर्मा ने विशेष सांसद-विधायक अदालत में मामला दायर किया है। अदालत इस मामले पर 21 अगस्त को सुनवाई करेगी।
अधिवक्ता रामाशंकर शर्मा ने कहा कि कंगना रनौत ने जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के लिए आपत्तिजनक टिप्पणी की और उनके साथ-साथ उनके अभिभावकों का भी अपमान किया। उन्होंने कहा कि यह मामला छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इस तरह की टिप्पणियां गंभीर चिंता का विषय हैं।
दरअसल, नीट पेपर लीक को लेकर हुए छात्र आंदोलन के दौरान कंगना रनौत ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन से जुड़े कई वीडियो साझा किए थे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों के व्यवहार और भाषा पर सवाल उठाते हुए इन वीडियो को बेहद आपत्तिजनक बताया था। कंगना ने कहा था कि उन्होंने एक जगह पर इतनी “कुरूपता” कभी नहीं देखी।
अपने इंस्टाग्राम स्टोरीज पर किए गए पोस्ट में कंगना ने प्रदर्शनकारियों की भाषा और व्यवहार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने लिखा कि प्रदर्शन में इस्तेमाल की जा रही भाषा और युवाओं का व्यवहार बेहद परेशान करने वाला है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे युवाओं की परवरिश कौन कर रहा है।
कंगना ने युवा महिलाओं को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और करियर बनाने वाली महिलाओं की जिंदगी की नकल करने की कोशिश करने वाली महिलाओं को अपनी स्वतंत्रता की कीमत और जिम्मेदारियों को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र महिलाएं अपने फैसलों की जिम्मेदारी खुद उठाती हैं और अपने परिवार पर इसका बोझ नहीं डालतीं।
इसके बाद एक अन्य टिप्पणी में कंगना ने प्रदर्शनकारी छात्रों के एक वर्ग को “जनरेशन गटर” कहा और उनकी पढ़ाई, व्यवहार तथा सामाजिक जिम्मेदारियों पर सवाल उठाए। उनके इन बयानों के बाद विवाद और तेज हो गया।
अधिवक्ता रामाशंकर शर्मा ने आरोप लगाया कि कंगना की टिप्पणियों से देश के छात्रों और उनके अभिभावकों का अपमान हुआ है। उन्होंने कहा कि यह छात्रों के भविष्य से जुड़ा संवेदनशील मामला है।
नीट पेपर लीक को लेकर शुरू हुआ छात्र आंदोलन 25 जुलाई को समाप्त हुआ था। आंदोलन के दौरान सरकार से मामलों को वापस लेने, पुलिस की कथित कार्रवाई से छात्रों को राहत देने और पेपर लीक रोकने के लिए कानून बनाने जैसी मांगें उठाई गई थीं। अब कंगना रनौत के खिलाफ दायर मामले पर 21 अगस्त को होने वाली सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
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