2009 में फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी में 13 लोगों की मौत के मामले में दोषी पूर्व सैन्य अधिकारी निडाल हसन को 3 दिसंबर को गोली मारकर फांसी दिए जाने की खबर; सीधे प्रसारण की योजना को लेकर भी चर्चा
2009 में फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर गोलीबारी में 13 लोगों की मौत के मामले में दोषी पूर्व सैन्य अधिकारी निडाल हसन को 3 दिसंबर को गोली मारकर फांसी दिए जाने की खबर; सीधे प्रसारण की योजना को लेकर भी चर्चा
खबर खास | वॉशिंगटन
अमेरिका में पूर्व सैन्य अधिकारी मेजर निडाल हसन की फांसी का टेलीविजन पर सीधा प्रसारण किए जाने की तैयारी की खबर सामने आई है। उपलब्ध कराई गई रिपोर्ट के अनुसार, हसन को वर्ष 2009 में टेक्सास स्थित फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर हुई सामूहिक गोलीबारी के मामले में दोषी ठहराया गया था। इस हमले में 13 लोगों की मौत हुई थी।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि हसन को 3 दिसंबर को उसी सैन्य अड्डे पर गोली मारकर फांसी दी जानी है। इसमें अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के हवाले से कहा गया है कि फांसी का सार्वजनिक प्रसारण किया जाएगा, ताकि लोग ऐसे अपराधों के परिणाम देख सकें।
बीबीसी के हवाले से रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यदि ऐसा होता है, तो यह लगभग 100 वर्षों में अमेरिका में पहली सार्वजनिक फांसी होगी। हालांकि, फांसी की तारीख, प्रसारण की योजना और इसे अंजाम देने की व्यवस्था की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
5 नवंबर 2009 को सेना में मनोचिकित्सक के रूप में कार्यरत निडाल हसन फोर्ट हुड सैन्य अड्डे पर पहुंचे थे। उन्होंने निजी पिस्तौल से सैनिकों और सैन्य अड्डे पर मौजूद अन्य लोगों पर गोलीबारी की थी। यह हमला अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान पर हुई सबसे घातक सामूहिक गोलीबारी की घटनाओं में शामिल है।
उस समय अमेरिका अफगानिस्तान और इराक में सैन्य अभियान चला रहा था। हसन ने बाद में कहा था कि वह इन युद्धों को गैरकानूनी और अनैतिक मानते थे। उन्होंने दावा किया था कि उन्होंने यह हमला जिहाद के नाम पर किया था।
गोलीबारी के दौरान हसन भी घायल हो गए थे और कमर के नीचे से लकवाग्रस्त हो गए थे। सैन्य अदालत में मुकदमे के दौरान उन्होंने हत्याओं को स्वीकार किया था।
2013 में 45 आरोपों में दोषी ठहराया गया
वर्ष 2013 में सैन्य अदालत ने हसन को हत्या के 13 और हत्या के प्रयास के 32 मामलों में दोषी ठहराया था। इस तरह उनके खिलाफ कुल 45 आरोपों में दोषसिद्धि हुई। अदालत ने उन्हें मृत्युदंड की सजा सुनाई थी।
हसन ने हमले पर कोई पछतावा नहीं जताया था। सैन्य मानसिक स्वास्थ्य पैनल के सामने दिए गए उनके बयानों के विवरण के अनुसार, उन्होंने कहा था कि गोलीबारी के दौरान वह मरना चाहते थे और शहीद बनना चाहते थे। उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि मृत्युदंड मिलने पर भी वह स्वयं को शहीद मानेंगे।
रिपोर्ट में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के हवाले से दावा किया गया है कि हसन को सैन्य गोलीबारी दस्ते के जरिए मृत्युदंड दिया जाएगा और आम लोगों को इसे देखने का अवसर मिलना चाहिए।
रिपोर्ट के अनुसार, इन कथित बयानों में इस बात पर जोर दिया गया कि लोगों को ऐसे कृत्यों के गंभीर परिणामों को समझना चाहिए। हालांकि, फांसी का सीधा प्रसारण किए जाने के दावे की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
सैन्य कानून के तहत राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी
अमेरिका की सैन्य न्याय व्यवस्था में मृत्युदंड की सजा को लागू करने से पहले राष्ट्रपति की मंजूरी आवश्यक होती है। कानूनी अपील और अन्य प्रक्रियागत आवश्यकताओं के कारण फांसी में देरी भी हो सकती है।
फोर्ट हुड हमले में बड़ी संख्या में लोगों की मौत और सैन्य अदालत द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा के कारण हसन का मामला लंबे समय से चर्चा में रहा है। यदि फांसी की तारीख और इसके सार्वजनिक प्रसारण के फैसले की पुष्टि होती है, तो यह इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम होगा।
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