कनाडाई पुलिस ने कनाडा और अमेरिका में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय उगाही गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो पंजाबी और दक्षिण एशियाई कारोबारियों को धमकियों, गोलीबारी और आगजनी के जरिए निशाना बना रहा था।
कनाडाई पुलिस ने कनाडा और अमेरिका में सक्रिय एक अंतरराष्ट्रीय उगाही गिरोह का भंडाफोड़ किया, जो पंजाबी और दक्षिण एशियाई कारोबारियों को धमकियों, गोलीबारी और आगजनी के जरिए निशाना बना रहा था।
खबर खास | चंडीगढ़
कनाडाई अधिकारियों ने संगठित अपराध गतिविधियों के खिलाफ चलाए गए एक बड़े संयुक्त अभियान में 17 भारतीय और पंजाबी मूल के युवकों को गिरफ्तार कर एक बड़े अंतरराष्ट्रीय उगाही नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह कनाडा और अमेरिका के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय था।
जांच एजेंसियों के अनुसार यह गिरोह ब्रैम्पटन, मिसिसॉगा, कैलेडन, ब्रिटिश कोलंबिया और अमेरिका के कैलिफोर्निया के कुछ इलाकों में काम कर रहा था। आरोपियों पर पंजाबी और दक्षिण एशियाई व्यापारियों, जिनमें रेस्टोरेंट संचालक, ट्रकिंग कंपनियां और स्थानीय कारोबारी शामिल हैं, को धमकाकर उगाही करने के आरोप हैं।
पुलिस ने बताया कि पीड़ितों को पैसे न देने पर हिंसा की धमकियां दी जाती थीं। गिरोह से जुड़े कई मामलों में गोलीबारी, आगजनी और हिंसक हमलों की घटनाएं भी सामने आई हैं।
गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इकबाल सिंह भगरिया, आकाशदीप सिंह, रविंदर सिंह, जशनबीर सिंह, दिलावरप्रीत सिंह, मनदीप सिंह, प्रभदीप सोहल, प्रतापबीर घुम्मन, अजयदीप सिंह, नवरूप सिंह, राजन सिंह, अमृतजोत सिंह, जशनप्रीत सिंह, गुनीत सिंह, सुखविंदर सिंह, मोहिंदर सिंह और गौतम गौतम शामिल हैं।
अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े 24 मामलों का खुलासा हुआ, जिनमें 16 गंभीर हिंसक अपराध शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह से जुड़े विभिन्न हमलों में करीब 324 गोलियां चलाई गई थीं।
ऑपरेशन के तहत की गई छापेमारी में पुलिस ने छह अवैध हथियार, नशीले पदार्थ, मोबाइल फोन, सिम कार्ड और फर्जी पहचान दस्तावेज बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपियों पर कुल 106 आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं।
पील रीजनल पुलिस प्रमुख निशान दुरैयप्पाह ने कहा कि यह गिरोह अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध नेटवर्क से जुड़ा हुआ था और कई एजेंसियों के समन्वित प्रयासों से इसे ध्वस्त किया गया। कनाडा बॉर्डर सर्विसेज एजेंसी ने भी छह आरोपियों को कथित इमिग्रेशन उल्लंघनों के मामले में हिरासत में लिया है और उन्हें भारत डिपोर्ट किया जा सकता है।
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