पीड़िता के परिवार और ससुराल पक्ष के बीच पंचायत के माध्यम से कथित समझौते की खबरों के बाद दोनों पक्षों ने चुप्पी साध ली है, जबकि गांव के लोगों ने बैठक में उन्हें शामिल न किए जाने पर नाराजगी जताई है।