सुखबीर बादल बोले- पीड़िताओं के साथ हुआ अन्याय, पार्टी राज्यपाल को सौंपेगी सबूत; हरसिमरत कौर बादल की अगुवाई में चंडीगढ़ में होगा विरोध प्रदर्शन
सुखबीर बादल बोले- पीड़िताओं के साथ हुआ अन्याय, पार्टी राज्यपाल को सौंपेगी सबूत; हरसिमरत कौर बादल की अगुवाई में चंडीगढ़ में होगा विरोध प्रदर्शन
पंजाब की सियासत में एक बार फिर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। शिरोमणि अकाली दल ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी पत्नी पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए पूरे मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी CBI से जांच कराने की मांग की है। अकाली दल का आरोप है कि दुष्कर्म के एक मामले को दबाने और आरोपी को बचाने के लिए पांच करोड़ रुपये की रिश्वत ली गई। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि इस मामले में एक तरफ कथित तौर पर दुष्कर्म के आरोपी और उसे बचाने वाले लोग हैं, जबकि दूसरी तरफ पीड़ित लड़कियां हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी इस पूरे मामले से जुड़े सभी सबूत पंजाब के राज्यपाल को सौंपेगी और निष्पक्ष जांच की मांग करेगी।
अकाली दल के मुख्य प्रवक्ता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने आरोप लगाया कि यह मामला दुष्कर्म की दो पीड़िताओं से जुड़ा है। उनका दावा है कि कथित तौर पर पांच करोड़ रुपये देकर मामला सुलझाया गया और इसके बाद दुष्कर्म का आरोपी विदेश चला गया। चीमा ने इसे बेहद गंभीर मामला बताते हुए पूरे प्रकरण की जांच की मांग की।
अकाली दल ने इस मुद्दे के साथ मुख्यमंत्री के ओएसडी से जुड़ा एक दूसरा मामला भी उठाया है। डॉ. चीमा के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय यानी ED की ओर से मुख्यमंत्री के ओएसडी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग को लेकर बार-बार पत्र भेजे गए हैं। अकाली दल ने सवाल उठाया कि इन पत्रों पर अब तक क्या कार्रवाई हुई और पूरे मामले में सरकार का रुख क्या है।
डॉ. चीमा ने कहा कि दुष्कर्म मामले में कथित पीड़िताओं के साथ अन्याय हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री की पत्नी पर भी गंभीर आरोप लगाए और मामले की निष्पक्ष जांच को जरूरी बताया। अकाली दल का कहना है कि किसी भी राजनीतिक दबाव से ऊपर उठकर पूरे प्रकरण की सच्चाई सामने आनी चाहिए।
इसी मुद्दे को लेकर शिरोमणि अकाली दल ने पांच सितंबर को चंडीगढ़ में बड़े विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है। पार्टी से जुड़ी महिला कार्यकर्ता पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल की अगुवाई में प्रदर्शन करेंगी। अकाली दल ने कहा है कि प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री का घेराव किया जाएगा और उनके इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह इस मामले को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाएगी। राज्यपाल को सबूत सौंपने और CBI जांच की मांग के साथ अकाली दल अब पांच सितंबर के प्रदर्शन के जरिए सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है। दूसरी ओर, लगाए गए आरोपों की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
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January 18, 2026
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