चारों दिशाओं से शुरू होगी यात्रा, सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेगा अभियान; अमित शाह या नितिन नबीन कर सकते हैं उद्घाटन
चारों दिशाओं से शुरू होगी यात्रा, सभी 117 विधानसभा सीटों तक पहुंचेगा अभियान; अमित शाह या नितिन नबीन कर सकते हैं उद्घाटन
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी अब नशे की समस्या को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाते हुए पूरे पंजाब में बड़ी विरोध यात्रा निकालने की तैयारी कर रही है। यह यात्रा प्रदेश के चारों कोनों से शुरू होगी और सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी।
भाजपा की योजना के मुताबिक इस यात्रा का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह या पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन कर सकते हैं। इसके लिए दोनों नेताओं से समय मांगा गया है। पार्टी हाईकमान की मंजूरी मिलने के बाद सितंबर में यात्रा का विस्तृत कार्यक्रम, रूट और तारीखें तय की जाएंगी।
भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर लगातार रणनीति तैयार कर रहा है। पार्टी उन मुद्दों की पहचान कर रही है, जिन्हें चुनाव के दौरान सीधे जनता के बीच उठाया जाएगा। इनमें नशे की समस्या को भाजपा सबसे प्रमुख मुद्दों में से एक मान रही है।
पार्टी का आरोप है कि पंजाब में सीमा पार से नशीले पदार्थों की तस्करी पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है और नशे की वजह से प्रदेश की युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। भाजपा इसी मुद्दे को लेकर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधने की तैयारी में है।
हालांकि पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान शुरू कर रखा है, लेकिन भाजपा का दावा है कि इसके बावजूद नशा तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण नहीं हो पाया है। इसी को आधार बनाकर पार्टी नशे के खिलाफ यात्रा के जरिए सरकार की घेराबंदी करेगी और इसे अपने चुनावी अभियान की शुरुआत के तौर पर इस्तेमाल करेगी।
भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बीएल संतोष ने अपने पंजाब दौरे के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक में इस यात्रा की रणनीति साझा की। पार्टी की योजना किसी एक क्षेत्र या मालवा, माझा और दोआबा तक सीमित रहने की नहीं है। इसके बजाय पूरे पंजाब में विधानसभा क्षेत्रवार यात्राएं निकालने की तैयारी है।
हर विधानसभा क्षेत्र में यात्रा की तारीख, रूट और नेतृत्व को लेकर अलग कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। भाजपा का लक्ष्य नशे के मुद्दे को घर-घर तक पहुंचाना और इसे 2027 के विधानसभा चुनाव में प्रमुख राजनीतिक मुद्दे के रूप में स्थापित करना है।
ऐसे में आने वाले महीनों में पंजाब की सियासत में नशे का मुद्दा एक बार फिर केंद्र में आने के आसार हैं और भाजपा इसके जरिए आम आदमी पार्टी सरकार पर चुनावी दबाव बढ़ाने की रणनीति बना रही है।
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