मरीज़ और उसकी पत्नी ने नया जीवन देने के लिए पंजाब सरकार एवं डॉक्टरों का किया धन्यवाद
मरीज़ और उसकी पत्नी ने नया जीवन देने के लिए पंजाब सरकार एवं डॉक्टरों का किया धन्यवाद
पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज सरकारी राजिंदरा अस्पताल में 10 सितंबर, 2026 को हुए अस्पताल के पहले सफल किडनी ट्रांसप्लांट के बाद स्वास्थ्य लाभ कर रहे मरीज और उसकी किडनी दान करने वाली पत्नी से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत यह जीवन रक्षक किडनी ट्रांसप्लांट बिल्कुल निःशुल्क किया गया है और मरीज तथा उसकी पत्नी दोनों स्वस्थ होने के बाद अस्पताल से छुट्टी लेकर अपने घर जा रहे हैं।
डॉ. बलबीर सिंह ने रोमानापति, नामोल, जिला संगरूर के 37 वर्षीय मरीज और उसकी 29 वर्षीय पत्नी से बातचीत कर उनका हालचाल जाना। उन्होंने इस दंपति के साहस और जज्बे की सराहना करते हुए कहा कि पत्नी द्वारा अपने पति को किडनी दान कर एक मिसाल कायम की गई है। उन्होंने बताया कि मरीज मेम्ब्रेनोप्रोलिफेरेटिव ग्लोमेरुलोनेफ्राइटिस (एमपीजीएन) के कारण किडनी फेल होने की समस्या से जूझ रहा था।
इस अवसर पर मरीज और उसकी पत्नी ने उन्हें नया जीवन देने के लिए पंजाब सरकार, स्वास्थ्य मंत्री तथा सरकारी राजिंदरा अस्पताल की पूरी मेडिकल टीम का धन्यवाद किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि पंजाब में किडनी सहित अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों को अब बेहतर इलाज के लिए पैसे जुटाने की जरूरत नहीं है, बल्कि समय पर सरकारी अस्पतालों में पहुंचकर उपचार करवाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पात्र मरीजों के इलाज का खर्च पंजाब सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि निजी अस्पतालों में किडनी ट्रांसप्लांट के इलाज पर लगभग 8 लाख से 12 लाख रुपये तक का खर्च आता है।
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि सरकारी राजिंदरा अस्पताल में किडनी ट्रांसप्लांट की सुविधा शुरू होना पंजाब के सरकारी स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की टीम द्वारा मरीजों को बेहतर उपचार सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि राजिंदरा अस्पताल में 300 बेड का ट्रॉमा सेंटर स्थापित किया जा रहा है, जबकि 50 बेड का क्रिटिकल केयर यूनिट भी अंतिम चरण में है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से गंभीर मरीजों को आईसीयू बेड की कमी के कारण अन्य अस्पतालों में रेफर करने की जरूरत कम होगी।
चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री ने किडनी ट्रांसप्लांट को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली टीम की सराहना करते हुए ट्रांसप्लांट विशेषज्ञ प्रो. डॉ. सरबप्रीत सिंह के नेतृत्व वाली सर्जिकल टीम, यूरोलॉजी विशेषज्ञ प्रो. डॉ. हरभुपिंदर सिंह संधू एवं डॉ. सुपर्ण शर्मा, नेफ्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. ठाकुरवीर कोहली, एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. तनवीर कुंद्रा सहित पूरी मेडिकल टीम को बधाई दी। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के डायरेक्टर-प्रिंसिपल एवं मेडिसिन विभाग के प्रमुख डॉ. आर.पी.एस. सिब्बिया और राजिंदरा अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विशाल चोपड़ा की भी सराहना की।
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