281 करोड़ रुपये के एरियर भुगतान का ऐलान, 4,000 सरकारी पद भरने से लेकर गरीब परिवारों को 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा तक बड़े फैसले
281 करोड़ रुपये के एरियर भुगतान का ऐलान, 4,000 सरकारी पद भरने से लेकर गरीब परिवारों को 10 लाख रुपये के स्वास्थ्य बीमा तक बड़े फैसले
हिमाचल प्रदेश के राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कर्मचारियों, पेंशनरों, स्वास्थ्य कर्मियों, युवाओं और महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों के लिए कई बड़ी घोषणाएं कीं। बड़सर स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने एरियर भुगतान, सरकारी नौकरियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और शिक्षा से जुड़े कई अहम ऐलान किए।
मुख्यमंत्री सुक्खू ने घोषणा की कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके वेतन एरियर के अतिरिक्त 20 हजार रुपये का भुगतान इसी महीने किया जाएगा। वर्ष 2016 से दिसंबर 2021 के बीच सेवानिवृत्त तृतीय श्रेणी पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों को पेंशन एरियर का अतिरिक्त 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। वहीं क्लास वन और क्लास टू पेंशनरों तथा पारिवारिक पेंशनरों को पेंशन एरियर का 15 प्रतिशत भुगतान इसी माह किया जाएगा। इन भुगतानों पर सरकार करीब 281 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल से वेतन और पेंशन एरियर के रूप में 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की देनदारी विरासत में मिली थी। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद मौजूदा सरकार अब तक कर्मचारियों और पेंशनरों को करीब 2,170 करोड़ रुपये से अधिक का वेतन और पेंशन एरियर दे चुकी है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में भी मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में सात वर्ष पूरे कर चुके कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2026 से संशोधित वेतनमान देने का ऐलान किया गया। आउटसोर्स स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल कर्मियों, जिनमें लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और ऑपरेशन थिएटर तकनीशियन शामिल हैं, को सितंबर 2026 से 25 हजार रुपये संशोधित वेतन मिलेगा। वहीं डाटा एंट्री ऑपरेटरों का संशोधित वेतन 18 हजार रुपये किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने गरीब परिवारों के लिए नई स्वास्थ्य बीमा नीति लागू करने की घोषणा की। इसके तहत पात्र गरीब परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराने की बात कही गई। उन्होंने बताया कि प्रदेश में आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं और उपकरणों पर करीब 3,000 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
रोजगार के मोर्चे पर भी सरकार ने कई बड़े ऐलान किए। जल शक्ति विभाग में 4,000 पद भरने की घोषणा की गई है। सभी पंचायतों में मल्टी टास्क वर्करों के 400 पद, शिक्षा विभाग में जूनियर ऑफिस असिस्टेंट लाइब्रेरी के 200 पद और जिला परिषद पंचायतों में जॉब ट्रेनी तकनीकी सहायकों के 280 पद भरे जाएंगे। इसके अलावा 1,975 वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में चौकीदार और मल्टी टास्क वर्करों के करीब 4,000 पद भरने की बात कही गई है।
मुख्यमंत्री ने वन मित्रों का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपये करने का ऐलान किया। मल्टी टास्क वर्करों और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए अलग नीति लाने पर भी सरकार विचार कर रही है। हमीरपुर में हिमाचल प्रदेश का पहला समर्पित साइंस कॉलेज स्थापित करने की घोषणा की गई, जिसकी अनुमानित लागत करीब 100 करोड़ रुपये बताई गई है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि 31 मार्च 2027 तक प्रदेश में कोई भी डॉक्टर सेवानिवृत्त नहीं होगा। इसके साथ ही अगले साल जहां संभव होगा, वहां 100 सीबीएसई से संबद्ध स्कूल खोलने की योजना भी सामने रखी गई।
महिलाओं और बच्चों के पोषण को लेकर मुख्यमंत्री ने ‘इंदिरा गांधी मातृ शिशु संकल्प योजना’ शुरू करने की घोषणा की। यह योजना पायलट आधार पर 2 अक्टूबर से प्रदेश के 21 ब्लॉकों में शुरू होगी। छह महीने बाद इसकी समीक्षा की जाएगी और सफल रहने पर इसे पूरे प्रदेश में लागू किया जाएगा। वहीं करीब 9,000 आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाकर 6,800 रुपये करने की घोषणा की गई।
मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण को लेकर आने वाले समय में 100 पंचायतों को ग्रीन पंचायत बनाने का लक्ष्य भी रखा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश के विकास के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
इससे पहले मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सुबह करीब 11:02 बजे राष्ट्रीय ध्वज फहराया और इसके बाद परेड का निरीक्षण किया। समारोह में 12 विभिन्न टुकड़ियों ने भव्य मार्चपास्ट में हिस्सा लिया। हिमाचल प्रदेश पुलिस, महिला एवं पुरुष होमगार्ड, हरियाणा पुलिस तथा विभिन्न स्कूलों और महाविद्यालयों की टुकड़ियों ने मार्चपास्ट में हिस्सा लिया। पुलिस की विशेष सुरक्षा इकाई ने वीआईपी सुरक्षा पर विशेष प्रदर्शन भी किया।
समारोह के दौरान विभिन्न जिलों और बड़सर क्षेत्र के स्कूलों के सांस्कृतिक दलों ने देशभक्ति और हिमाचली लोक संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। मुख्यमंत्री ने विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय योगदान देने वाले लोगों को सम्मानित किया और भवन एवं अन्य सन्निर्माण कामगार कल्याण बोर्ड की लाभार्थी महिलाओं को चेक भी वितरित किए। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों की प्रदर्शनियों का अवलोकन किया।
पहली बार लाखों विद्यार्थियों ने लाइव सुना मुख्यमंत्री का संबोधन
इस बार हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए स्वतंत्रता दिवस समारोह कई मायनों में खास रहा। पहली बार मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय स्वतंत्रता दिवस संबोधन का सरकारी स्कूलों में लाइव प्रसारण किया गया। प्रदेशभर में लाखों विद्यार्थियों ने एक साथ मुख्यमंत्री का संबोधन देखा और सुना। विद्यार्थियों को स्वतंत्रता दिवस समारोह, मुख्य अतिथि के संदेश, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और देश के महान राष्ट्रनायकों के योगदान से भी परिचित कराया गया।
छठी से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को उनके संबंधित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में आयोजित समारोहों में शामिल किया गया। वहीं कॉम्प्लेक्स स्कूलों के 500 मीटर के दायरे में आने वाले प्राथमिक विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी मुख्य समारोह का हिस्सा बनाया गया।
17 अगस्त को हिमाचल के स्कूलों में रहेगा अवकाश
स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों को देखते हुए हिमाचल प्रदेश के स्कूलों में 17 अगस्त को अवकाश रहेगा। मुख्यमंत्री सुक्खू ने स्पष्ट किया कि 15 अगस्त को आयोजित कार्यक्रमों में विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी के कारण 17 अगस्त को छुट्टी दी जाएगी। शिक्षा निदेशालय ने इससे पहले सभी सरकारी स्कूलों को 15 अगस्त को सामान्य रूप से खोलने के निर्देश दिए थे और स्कूलों में स्वतंत्रता दिवस को उत्साह, गरिमा और देशभक्ति के साथ मनाने के साथ विद्यार्थियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा था।
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