अमेरिका में 362.5 किलोग्राम वजन उठाकर रचा इतिहास, मास्टर्स-2 वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं एकता बिश्नोई
अमेरिका में 362.5 किलोग्राम वजन उठाकर रचा इतिहास, मास्टर्स-2 वर्ग में स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं एकता बिश्नोई
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भारतीय राजस्व सेवा की अधिकारी एकता बिश्नोई ने अमेरिका में आयोजित विश्व मास्टर्स क्लासिक पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है। एकता ने कुल 362.5 किलोग्राम वजन उठाकर जापान और कनाडा की मजबूत प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ा और शीर्ष स्थान हासिल किया। इस उपलब्धि के साथ वह इस चैंपियनशिप के मास्टर्स-2 वर्ग में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बन गईं। उनकी सफलता को भारतीय महिला पावरलिफ्टिंग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
सरकारी सेवा की जिम्मेदारियों के साथ खेल में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना एकता के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। इसके बावजूद उन्होंने नियमित और कड़े अभ्यास के जरिए अपनी तैयारी जारी रखी। हालांकि, प्रतियोगिता से कुछ समय पहले उनकी तैयारियों को झटका लगा, जब भारतीय टीम के प्रशिक्षक सुनील कुमार को अमेरिका का वीजा नहीं मिला। इस बाधा के बावजूद एकता ने अपना ध्यान प्रतियोगिता पर बनाए रखा और वीडियो कॉल के माध्यम से प्रशिक्षक से मार्गदर्शन लेती रहीं।
टीम अधिकारी बिनू इब्राहिम ने प्रतियोगिता स्थल पर एकता को सहयोग दिया। प्रशिक्षक के मार्गदर्शन और मौके पर मिले सहयोग के साथ उन्होंने तय रणनीति के अनुसार प्रदर्शन किया और भारत के लिए ऐतिहासिक जीत दर्ज की।
वैज्ञानिक रणनीति से मिली ऐतिहासिक सफलता
प्रशिक्षक सुनील कुमार ने बताया कि टीम ने वैज्ञानिक और परिणाम आधारित रणनीति अपनाई थी। उनके अनुसार, एकता ने स्क्वाट मुकाबले के अंत तक अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 20 किलोग्राम की निर्णायक बढ़त बना ली थी। इसके बाद उन्होंने बेंच प्रेस मुकाबले में भी अपनी बढ़त बरकरार रखी।
सुनील कुमार ने कहा, “हमारी रणनीति बिल्कुल स्पष्ट थी। स्क्वाट मुकाबले के समाप्त होने तक हमने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी पर 20 किलोग्राम की निर्णायक बढ़त बना ली थी। एकता ने बेंच प्रेस में भी इस बढ़त को बनाए रखा। अंत में 150 किलोग्राम वजन के साथ पहले ही डेडलिफ्ट प्रयास में सफल होकर उन्होंने भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक सुनिश्चित कर दिया।”
एकता बिश्नोई नई दिल्ली के नेताजी जिम में सुनील कुमार के मार्गदर्शन में अभ्यास करती हैं। उनकी उपलब्धि नियमित प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रतियोगिता के दौरान रणनीति के महत्व को दर्शाती है।
भारतीय महिला पावरलिफ्टिंग के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि
एकता की सफलता पर उनके साथी अजय तोमर, जिन्हें आचार्यजी के नाम से भी जाना जाता है, ने कहा कि विश्व चैंपियनशिप के लिए तैयारी पूरी गंभीरता और एकाग्रता के साथ की गई थी।
उन्होंने कहा, “विश्व चैंपियनशिप से पहले हमारी तैयारी पूरी और व्यवस्थित थी। हमारा एक ही लक्ष्य था—अपने देश भारत के लिए स्वर्ण पदक जीतना।”
एकता बिश्नोई की यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय मास्टर्स पावरलिफ्टिंग में भारत की उपस्थिति को मजबूत करती है। साथ ही, यह दिखाती है कि सरकारी सेवा जैसी जिम्मेदारियों के साथ भी लगातार अभ्यास और समर्पण के जरिए खेल में बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। मास्टर्स-2 वर्ग में उनकी ऐतिहासिक जीत भारतीय महिला खिलाड़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
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