करीब 20 टन चांदी से जुड़े आरोपों की जांच जारी, श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के बयान दर्ज होना बाकी; मवेशियों के परिवहन पर भी जम्मू जिले में दो महीने की रोक
करीब 20 टन चांदी से जुड़े आरोपों की जांच जारी, श्राइन बोर्ड के अधिकारियों के बयान दर्ज होना बाकी; मवेशियों के परिवहन पर भी जम्मू जिले में दो महीने की रोक
माता वैष्णो देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की ओर से चढ़ाई गई करीब 20 टन चांदी में कथित अनियमितताओं के आरोपों की जांच अब दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के मिलान के चरण में पहुंच गई है। जांच अधिकारी ने जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में स्टेटस रिपोर्ट पेश कर बताया कि मामले की विस्तृत जांच अभी बाकी है। इसके बाद अदालत ने 19 सितंबर को जांच पूरी करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त समय दिया। मामले की अगली सुनवाई 10 अक्तूबर को होगी।
जम्मू के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चल रहे इस मामले में दीपक शर्मा की शिकायत के आधार पर चढ़ावे की चांदी में कथित मिलावट, उसे बदलने, चोरी और संभावित रकम के गलत इस्तेमाल जैसे आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में करीब 20 टन चांदी की कीमत लगभग 550 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, इन आरोपों की अभी जांच चल रही है और इस मामले में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट के मुताबिक अब तक श्राइन बोर्ड के अधिकारियों, पुजारियों, भवन में तैनात सीआरपीएफ जवानों, जम्मू-कश्मीर पुलिस और श्राइन बोर्ड के सुरक्षा कर्मियों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। पूछताछ के दौरान चढ़ावे को प्राप्त करने, उसे अलग करने और स्ट्रांग रूम में रखने की प्रक्रिया के बारे में जानकारी जुटाई गई है। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि भवन से चढ़ावे को कटड़ा तक किस प्रक्रिया के तहत पहुंचाया गया और वहां पहुंचने के बाद उसके साथ क्या किया गया।
जांच के लिए पुलिस ने श्राइन बोर्ड से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी उपलब्ध कराने को कहा है। फुटेज में दर्ज गतिविधियों का संबंधित अधिकारियों के बयानों से मिलान किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार उसके पास उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डेटा काफी मात्रा में है, जिसकी जांच में समय लग रहा है।
श्राइन बोर्ड ने 18 अगस्त को पुलिस को 116 पेज के दस्तावेज सौंपे थे। इनमें चढ़ावे की चांदी के रखरखाव, भंडारण, परिवहन और आगे की प्रक्रिया से जुड़े आदेश, नियम, एसओपी, दिशा-निर्देश और निर्धारित प्रक्रियाओं के रिकॉर्ड शामिल हैं। पुलिस ने सरकारी टकसाल से जुड़े रिकॉर्ड भी मांगे हैं। जांच के अगले चरण में श्राइन बोर्ड के संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज किए जाने हैं।
इसी बीच जम्मू जिले में मवेशियों के परिवहन को लेकर जिला प्रशासन ने भी आदेश जारी किया है। जिला मजिस्ट्रेट राकेश मन्हास ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत मिली शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए जम्मू जिले से दूसरे जिलों में गाय, भैंस, बैल, सांड और बछड़ों समेत मवेशियों के परिवहन पर रोक लगा दी है। आदेश के अनुसार मवेशियों को एक जिले से दूसरे जिले में ले जाने के लिए जिला मजिस्ट्रेट या अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
यह आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने तक या इसे वापस लिए जाने तक लागू रहेगा, इनमें से जो भी पहले हो। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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January 18, 2026
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