युवाओं की बेरोजगारी में भी रिकॉर्ड सुधार, पंजाब और हिमाचल से बेहतर स्थिति में पहुंचा हरियाणा
युवाओं की बेरोजगारी में भी रिकॉर्ड सुधार, पंजाब और हिमाचल से बेहतर स्थिति में पहुंचा हरियाणा
हरियाणा में रोजगार के मोर्चे पर पिछले पांच वर्षों में बड़ी राहत देखने को मिली है। केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (PLFS) के आंकड़ों के अनुसार राज्य की कुल बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर 2021 में 11.5 प्रतिशत थी, जो अप्रैल-जून 2026 में घटकर 4.8 प्रतिशत रह गई। यानी करीब पांच वर्षों में बेरोजगारी दर में 6.7 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई है।
15 वर्ष और उससे अधिक आयु की आबादी में भी बेरोजगारी दर 11.3 प्रतिशत से घटकर 4.8 प्रतिशत हो गई। सबसे खास सुधार युवाओं के मामले में देखने को मिला है। 15 से 29 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की बेरोजगारी दर अक्टूबर-दिसंबर 2021 में 22.9 प्रतिशत थी, जो अप्रैल-जून 2025 में घटकर 15.6 प्रतिशत और अप्रैल-जून 2026 में 11.8 प्रतिशत रह गई। इस तरह पांच वर्षों में युवा बेरोजगारी में 11.1 प्रतिशत अंक की गिरावट दर्ज की गई।
पिछले एक साल में भी हरियाणा में बेरोजगारी कम होने का सिलसिला जारी रहा। अप्रैल-जून 2025 में राज्य की कुल बेरोजगारी दर 5.7 प्रतिशत थी, जो अप्रैल-जून 2026 में घटकर 4.8 प्रतिशत हो गई। यानी एक साल के भीतर 0.9 प्रतिशत अंक की कमी आई। इसी अवधि में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग की बेरोजगारी भी 5.7 प्रतिशत से घटकर 4.8 प्रतिशत रह गई।
युवाओं के बीच बेरोजगारी में गिरावट और तेज रही। 15 से 29 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर अप्रैल-जून 2025 में 15.6 प्रतिशत थी, जो एक साल बाद घटकर 11.8 प्रतिशत हो गई। यानी इस अवधि में 3.8 प्रतिशत अंक की कमी दर्ज की गई।
पड़ोसी राज्यों की तुलना करें तो अप्रैल-जून 2026 के आंकड़ों में हरियाणा की स्थिति बेहतर नजर आती है। हिमाचल प्रदेश में 15 से 29 वर्ष के युवाओं की बेरोजगारी दर 24.1 प्रतिशत रही, जबकि पंजाब में यह 22.3 प्रतिशत दर्ज की गई। इसके मुकाबले हरियाणा में युवा बेरोजगारी 11.8 प्रतिशत रही। कुल बेरोजगारी दर भी हिमाचल प्रदेश में 6.3 प्रतिशत और पंजाब में 8.5 प्रतिशत रही, जबकि हरियाणा में यह 4.8 प्रतिशत थी।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर रंजन अनेजा के मुताबिक, PLFS की 2025 की वार्षिक रिपोर्ट में हरियाणा में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के लोगों की बेरोजगारी दर 4.5 प्रतिशत दर्ज की गई थी। उनका कहना है कि देशभर में बेरोजगारी में कमी आई है, लेकिन हरियाणा के लिए यह सुधार इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य लंबे समय से अपेक्षाकृत ऊंची बेरोजगारी दर को लेकर चर्चा में रहा है।
हालांकि, आंकड़ों में आई गिरावट को रोजगार की समस्या का अंतिम समाधान नहीं माना जा सकता। अब बड़ी चुनौती ऐसे रोजगार के अवसर पैदा करने की है, जो युवाओं की योग्यता और कौशल के अनुरूप हों और लंबे समय तक टिकाऊ भी रहें। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजगार की संख्या के साथ उसकी गुणवत्ता, स्थिरता और युवाओं की अपेक्षाओं के अनुरूप अवसर उपलब्ध कराना भी जरूरी होगा।
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