210 मेगावाट की आखिरी चालू यूनिट में आई तकनीकी खराबी, तीन यूनिट पहले से बंद; आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल से भी संचालन प्रभावित
210 मेगावाट की आखिरी चालू यूनिट में आई तकनीकी खराबी, तीन यूनिट पहले से बंद; आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल से भी संचालन प्रभावित
लेहरा मोहब्बत स्थित गुरु हरिगोबिंद थर्मल प्लांट (जीएचटीपी) में बिजली उत्पादन को बड़ा झटका लगा है। प्लांट की 210 मेगावाट क्षमता वाली चौथी यूनिट भी बंद हो गई है। पिछले कई दिनों से यही यूनिट प्लांट में बिजली उत्पादन का मुख्य सहारा बनी हुई थी। अब इसके बंद होने के बाद प्लांट की चारों यूनिटें ठप हो गई हैं और बिजली उत्पादन पूरी तरह रुकने की स्थिति बन गई है।
वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार चौथी यूनिट के बंद होने की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है। यूनिट में आई समस्या की जांच और उसे दुरुस्त करने के लिए तकनीकी टीमें काम कर रही हैं। हालांकि, यूनिट को दोबारा बिजली उत्पादन में लाने में कितना समय लगेगा, इसे लेकर फिलहाल कोई निश्चित समयसीमा नहीं बताई गई है।
इससे पहले प्लांट की तीन अन्य यूनिटें भी करीब 15 दिनों से बंद पड़ी हैं। ऐसे में चारों यूनिटों के एक साथ बंद होने से राज्य में बिजली उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। चौथी यूनिट ही पिछले कुछ दिनों से प्लांट में बिजली उत्पादन की आखिरी उम्मीद बनी हुई थी। जानकारी के मुताबिक, 210 मेगावाट क्षमता वाली इस यूनिट से वीरवार को करीब 167 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था।
चौथी यूनिट में इससे पहले भी तकनीकी खराबी आई थी। मरम्मत के बाद इसे दोबारा चालू किया गया था, लेकिन अब फिर से यूनिट के बंद होने से प्लांट प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। तकनीकी टीम यूनिट को जल्द से जल्द बहाल करने में जुटी है।
आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल भी बनी चुनौती
प्लांट की अन्य तीन यूनिटों के लंबे समय से बंद रहने के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। इनमें आउटसोर्स कर्मचारियों की हड़ताल भी प्रमुख है। प्लांट में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारी पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में सीधे नियुक्ति की मांग को लेकर हड़ताल पर हैं।
कर्मचारियों की हड़ताल का असर प्लांट के रोजमर्रा के संचालन और रखरखाव से जुड़े कामों पर पड़ा है। अधिकारियों के मुताबिक बिजली उत्पादन वाली यूनिटों को सुचारु रूप से चलाने के लिए तकनीकी और सहायक कर्मचारियों की अहम भूमिका होती है। कर्मचारियों की कमी और हड़ताल के कारण संचालन से जुड़ी मुश्किलें बढ़ी हैं, जिसका असर यूनिटों की कार्यप्रणाली पर भी पड़ा है।
यूनिटों को चरणबद्ध तरीके से शुरू करने की तैयारी
प्लांट प्रबंधन का कहना है कि बंद यूनिटों को दोबारा चालू करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी खराबियों की जांच के साथ जरूरी मरम्मत कार्य को प्राथमिकता दी जा रही है। यूनिटों को चरणबद्ध तरीके से दोबारा शुरू करने की योजना पर काम किया जा रहा है, ताकि प्लांट में बिजली उत्पादन जल्द बहाल हो सके।
चारों यूनिटों के एक साथ बंद होने से लेहरा मोहब्बत थर्मल प्लांट की उत्पादन क्षमता को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि चौथी यूनिट समेत अन्य तीन बंद यूनिटों में से कितनी जल्दी बिजली उत्पादन दोबारा शुरू हो पाता है।
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