151 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तट से टकराया तूफान, सड़कों पर भरा पानी; 1,300 से अधिक उड़ानें रद्द, रेल और बंदरगाह सेवाएं भी प्रभावित
151 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तट से टकराया तूफान, सड़कों पर भरा पानी; 1,300 से अधिक उड़ानें रद्द, रेल और बंदरगाह सेवाएं भी प्रभावित
चीन इस समय कुदरत के एक बड़े कहर से जूझ रहा है। टाइफून ‘डॉल्फिन’ ने पूर्वी चीन के कई इलाकों में भारी बारिश और तेज हवाओं के साथ तबाही मचा दी है। इसका सबसे ज्यादा असर देश के प्रमुख महानगर शंघाई में देखने को मिला, जहां रिकॉर्ड बारिश के बाद कई सड़कें और निचले इलाके जलमग्न हो गए। हालात बिगड़ने के बाद प्रशासन को बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा।
टाइफून डॉल्फिन ने 9 अगस्त को झेजियांग प्रांत के युहुआन के पास चीन के तट पर दस्तक दी। उस समय तूफान की अधिकतम हवा की रफ्तार करीब 42 मीटर प्रति सेकंड यानी 151 किलोमीटर प्रति घंटा बताई गई। तट से टकराने के बाद तूफान कमजोर होकर उष्णकटिबंधीय तूफान में बदल गया, लेकिन इसके बावजूद भारी बारिश और बाढ़ का खतरा बना रहा।
शंघाई में रिकॉर्ड बारिश, सड़कें बनीं नदियां
टाइफून का सबसे गंभीर असर शंघाई में देखने को मिला। शहर के एक मौसम केंद्र ने 24 घंटे के भीतर बेहद भारी बारिश दर्ज की, जिसे करीब डेढ़ सदी में सबसे अधिक बारिश में से एक बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, एक दिन में करीब 220 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज की गई।
मूसलाधार बारिश के बाद शंघाई के कई हिस्सों में पानी भर गया और सड़कें जलमग्न हो गईं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों और वीडियो में कई इलाकों में सड़कें पानी में डूबी नजर आईं। घनी आबादी और बड़े पैमाने पर कंक्रीट से ढके शहरी क्षेत्र के कारण बारिश का पानी तेजी से जमीन में नहीं समा सका, जिससे जलभराव की स्थिति और गंभीर हो गई।
मौसम विभाग ने शंघाई समेत कुछ क्षेत्रों में आने वाले दिनों में 200 से 400 मिलीमीटर तक अतिरिक्त बारिश की आशंका जताई थी। इसके बाद प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान तेज कर दिया।
चीन में 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया
रिपोर्ट के मुताबिक, रविवार शाम तक अकेले शंघाई में करीब 2 लाख 15 हजार 600 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका था। वहीं झेजियांग प्रांत में 9 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया और बड़ी संख्या में आपातकालीन शेल्टर खोले गए।
फुजियान प्रांत में भी करीब 99 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। इस तरह पूर्वी चीन के विभिन्न हिस्सों में कुल मिलाकर 10 लाख से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
1,300 से ज्यादा उड़ानें रद्द, रेल और बंदरगाह सेवाओं पर असर
टाइफून और भारी बारिश का असर चीन के परिवहन नेटवर्क पर भी पड़ा है। शंघाई के दोनों प्रमुख हवाई अड्डों से 1,300 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। बंदरगाहों पर भी कामकाज प्रभावित हुआ और कई जगहों पर गतिविधियां रोकनी पड़ीं।
रेलवे स्टेशनों और पटरियों के आसपास पानी भरने से ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। वहीं सड़कों पर जलभराव के कारण यातायात व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई।
खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं
टाइफून डॉल्फिन कमजोर जरूर हुआ है, लेकिन इसका खतरा अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग ने शंघाई, झेजियांग और जियांग्सू समेत कई क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ बाढ़ और भूस्खलन की आशंका जताई है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्थानीय अधिकारियों की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
जापान के ओकिनावा में भी दिखा था तूफान का असर
चीन पहुंचने से पहले टाइफून डॉल्फिन का असर जापान के ओकिनावा क्षेत्र में भी देखने को मिला था। वहां तेज हवाओं और खराब मौसम के कारण कई जगहों पर जनजीवन प्रभावित हुआ। कुछ लोगों के घायल होने और बड़ी संख्या में इमारतों की बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की भी जानकारी सामने आई।
शंघाई दुनिया के सबसे बड़े और आधुनिक महानगरों में शामिल है। ऐसे में टाइफून डॉल्फिन से पैदा हुए हालात ने एक बार फिर दिखा दिया है कि अत्यधिक बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के सामने आधुनिक शहरों का मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी बड़ी चुनौती का सामना कर सकता है।
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