पांच महीने से आश्वासन के बावजूद नहीं बनी सर्विस रोड, जिला प्रशासन और NHAI अधिकारियों से लगातार बैठकों के बाद भी समाधान नहीं
पांच महीने से आश्वासन के बावजूद नहीं बनी सर्विस रोड, जिला प्रशासन और NHAI अधिकारियों से लगातार बैठकों के बाद भी समाधान नहीं
खबरखास । मोहाली
भारतमाला हाईवे के निर्माण के बाद मछली, पवाला, गिदड़परा, गड़ोलियां, सोय मज्जरा, बीरो मज्जरी, नरेना, पत्तरां, पत्तों और आसपास के अन्य गांवों के लोगों के सामने खड़ी हुई आवाजाही की समस्या अब आंदोलन का रूप लेती जा रही है। करीब पांच महीने पहले नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के अधिकारियों से हुई बैठकों में ग्रामीणों को मांगें पूरी करने का भरोसा दिया गया था, लेकिन अब तक धरातल पर कोई काम शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में रोष बढ़ता जा रहा है।
बुधवार को किसान संगठनों और ग्रामीणों के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों से मुलाकात कर अपनी मांगें दोहराईं और जल्द समाधान की मांग की। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
सर्विस रोड और अंडरपास की मांग, किसानों को सबसे ज्यादा परेशानी
ग्रामीणों की मुख्य मांग पवाला से मछली तक सर्विस रोड बनाने, हाईवे पर उचित एंट्री-एग्जिट प्वाइंट देने और किसानों के लिए पर्याप्त अंडरपास उपलब्ध करवाने की है।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे बनने के दौरान कई पुराने ग्रामीण रास्ते बंद हो गए, जिससे आसपास के गांवों का आपसी संपर्क प्रभावित हुआ है। कई किसानों की जमीनें हाईवे के दोनों तरफ रह गई हैं, लेकिन एक तरफ से दूसरी तरफ जाने के लिए पर्याप्त और सुविधाजनक रास्ते उपलब्ध नहीं हैं।
इसका सीधा असर खेती पर पड़ रहा है। किसानों को ट्रैक्टर, हार्वेस्टर और अन्य कृषि मशीनरी खेतों के दूसरे हिस्से तक ले जाने के लिए बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सर्विस रोड बनने से किसानों को अपनी जमीन तक पहुंचने में काफी आसानी होगी।
NHAI से बैठकें होती रहीं, अब घेराव की चेतावनी
किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के अनुसार पिछले करीब पांच महीनों में NHAI और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं। हर बार ग्रामीणों को समस्या का समाधान करने का आश्वासन मिला, लेकिन उनके अनुसार अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों का कहना है कि हाईवे के कारण केवल किसानों की ही नहीं, बल्कि आम लोगों, स्कूली बच्चों, स्कूल बसों और आपातकालीन वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई है। पुराने रास्ते बंद होने के कारण कई गांवों के लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर NHAI के कार्यालयों का घेराव करने के साथ संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे हाईवे के विकास के विरोध में नहीं हैं, लेकिन विकास परियोजना में स्थानीय लोगों की आवाजाही और किसानों की जरूरतों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने मांग की कि पवाला से मछली तक सर्विस रोड का निर्माण करवाने के साथ पर्याप्त अंडरपास और सुरक्षित एंट्री-एग्जिट प्वाइंट बनाए जाएं। इसके अलावा हाईवे के मौजूदा डिजाइन में स्थानीय जरूरतों के अनुसार जरूरी संशोधन किया जाए।
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