दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा समेत उत्तर भारत में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार; कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
दिल्ली-NCR, पंजाब, हरियाणा समेत उत्तर भारत में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार; कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। वहीं मध्य, पूर्वी, पश्चिमी और दक्षिणी राज्यों में भी अलग-अलग मौसम प्रणालियों के प्रभाव से 22 सितंबर तक बारिश होने का अनुमान है। कुछ राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया गया है। इसी बीच पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल होती दिखाई दे रही हैं।
उत्तर-पश्चिम भारत में 16 और 17 सितंबर को जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में कई स्थानों पर बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। पंजाब में भी इन दोनों दिनों के दौरान काफी व्यापक बारिश हो सकती है। पूर्वी राजस्थान में 17 सितंबर को बारिश का अनुमान है, जबकि उत्तर-पश्चिम भारत के अन्य हिस्सों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।
मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरी हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में निचले क्षोभमंडल स्तर पर चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। पंजाब और राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है, जबकि गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से दिल्ली, गाजियाबाद, नोएडा और गुरुग्राम समेत हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ में 20 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी राजस्थान में 19 सितंबर तक तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 21 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है।
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और मुजफ्फराबाद में भारी बारिश के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 22 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। उत्तराखंड में गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में गुरुवार सुबह आंधी के साथ भारी बारिश हुई। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने जैसी परिस्थितियों को लेकर सावधानी बरतने की जरूरत है।
मध्य भारत में भी बारिश का असर बना रहेगा। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 18 और 19 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 16 से 18 सितंबर के दौरान व्यापक बारिश का अनुमान है और इसके बाद 19 से 22 सितंबर के बीच भी कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। छत्तीसगढ़ में 19 से 22 सितंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है, जबकि 20 से 22 सितंबर के बीच कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। विदर्भ में 22 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है।
पूर्वी भारत में भी मौसम का असर व्यापक रहने वाला है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह तथा गंगीय पश्चिम बंगाल में 16 से 22 सितंबर तक कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक का दौर बना रह सकता है। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 16 से 18 सितंबर तथा 22 सितंबर को व्यापक बारिश की संभावना है। ओडिशा में 19 से 22 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि बिहार और झारखंड में 16 से 22 सितंबर तक कुछ इलाकों में बारिश का अनुमान है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 16-17 तथा 19-22 सितंबर के दौरान भारी बारिश हो सकती है और 18 सितंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की संभावना है।
पूर्वोत्तर राज्यों में भी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। अरुणाचल प्रदेश में 16-17 सितंबर तथा फिर 18-22 सितंबर के दौरान कई स्थानों पर बारिश होने का अनुमान है। असम और मेघालय तथा नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी 16 सितंबर से अगले कई दिनों तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। असम और मेघालय में 16 से 20 सितंबर के बीच गरज-चमक की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश में 16-17 सितंबर को भारी बारिश, जबकि असम और मेघालय में 17 और 19 सितंबर को भारी बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में बिजली गिरने को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
पश्चिम भारत में कोंकण और गोवा में 16 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश हो सकती है। गुजरात क्षेत्र में 17 से 19 सितंबर और सौराष्ट्र-कच्छ में 17 सितंबर को व्यापक बारिश का अनुमान है। इसके बाद गुजरात क्षेत्र में 20 से 22 सितंबर तथा सौराष्ट्र-कच्छ में 18 से 22 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश जारी रह सकती है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में 16 से 22 सितंबर तक छिटपुट बारिश होने की संभावना है। गुजरात और सौराष्ट्र-कच्छ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
दक्षिण भारत में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिलेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम, रायलसीमा तथा तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल में 16 से 22 सितंबर तक कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। केरल और माहे में 17-18 सितंबर को कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। लक्षद्वीप में 16-18 सितंबर और तटीय कर्नाटक में 20-22 सितंबर को व्यापक बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में 19-22 सितंबर के दौरान कई जगहों पर बारिश होने की संभावना है।
तमिलनाडु-पुडुचेरी और कराईकल में 16 से 20 सितंबर तक गरज-चमक के साथ 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जबकि झोंकों की गति 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 19-20 सितंबर को तेज हवाएं चलने क
ा अनुमान है। केरल और माहे में 18-19 सितंबर को हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे और झोंकों के साथ 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तमिलनाडु में गुरुवार को कई इलाकों में बारिश की संभावना है। चेन्नई, तिरुवल्लूर, चेंगलपट्टू और कांचीपुरम समेत 16 जिलों में मध्यम बारिश के साथ आंधी और तेज हवाएं चल सकती हैं। नीलगिरी, कोयंबटूर, करूर, तिरुचिरापल्ली, पेरम्बलुर, अरियालुर और तंजावुर में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है। शुक्रवार को नीलगिरी और कोयंबटूर में भारी बारिश हो सकती है। शनिवार को उत्तरी तमिलनाडु में बारिश बढ़ने के आसार हैं, जबकि रविवार को पश्चिमी, मध्य और दक्षिणी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का असर बढ़ सकता है। राज्य में मंगलवार तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने का अनुमान है।
चेन्नई और आसपास के इलाकों में गुरुवार को आसमान आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। शाम या रात के समय कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है। अधिकतम तापमान 35 से 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 से 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग ने अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में मछुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अरब सागर में उत्तर गुजरात तट और उससे लगे उत्तर-पूर्वी हिस्सों में समुद्र की स्थिति खराब रह सकती है। सोमालिया तट के पास तथा दक्षिण-पश्चिम और उससे लगे पश्चिम-मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों में 19 सितंबर तक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बंगाल की खाड़ी में 21 सितंबर तक दक्षिण-पूर्वी और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों तथा अंडमान सागर में समुद्री गतिविधि बनी रह सकती है।
कुल मिलाकर 22 सितंबर तक देश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। उत्तर भारत में बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं, जबकि मध्य और पूर्वी भारत के कई इलाकों में भारी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। दक्षिण भारत में तमिलनाडु, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और केरल के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी की शुरुआत के लिए भी मौसम परिस्थितियां धीरे-धीरे अनुकूल होती जा रही हैं।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0