इस योजना के तहत 21 साल से कम आयु के उन बच्चों को शामिल किया गया जिनके अभिभावकों का निधन हो चुका है या वह शारीरिक व मानसिक रूप से परिवार की देखभाल करने में अश्रम हैं।