पांच साल में पंजाब में स्टार्टअप की संख्या 36 से बढ़कर 404 हुई; नई स्टार्टअप पॉलिसी 2026 के तहत 15 लाख रुपये तक की सीड ग्रांट, जोहो के साथ समझौते से स्टार्टअप को 1.86 लाख रुपये तक के डिजिटल क्रेडिट का लाभ
पांच साल में पंजाब में स्टार्टअप की संख्या 36 से बढ़कर 404 हुई; नई स्टार्टअप पॉलिसी 2026 के तहत 15 लाख रुपये तक की सीड ग्रांट, जोहो के साथ समझौते से स्टार्टअप को 1.86 लाख रुपये तक के डिजिटल क्रेडिट का लाभ
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब में नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री अमन अरोड़ा ने बुधवार को पंजाब इन्वेस्टर सर्किल 2.0 के दूसरे संस्करण का शुभारंभ किया। इस अवसर पर 28 स्टार्टअप को कारोबार विस्तार और नई तकनीकों के विकास के लिए 1.17 करोड़ रुपये की सीड ग्रांट वितरित की गई। इस प्लेटफॉर्म की शुरुआत के महज चार महीने के भीतर इसका दूसरा संस्करण आयोजित किया गया है। इसका उद्देश्य नए उद्यमियों को निवेशकों, उद्योग जगत और वित्तीय संस्थानों से सीधे जोड़ना है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब का स्टार्टअप इकोसिस्टम तेजी से विकसित हुआ है। वर्ष 2021-22 में राज्य में केवल 36 स्टार्टअप थे, जबकि 2026 में इनकी संख्या बढ़कर 404 हो गई है। उन्होंने बताया कि अब तक 222 स्टार्टअप को 6.80 करोड़ रुपये की सीड फंडिंग दी जा चुकी है। यह आंकड़ा पंजाब के युवाओं में बढ़ती उद्यमशीलता और नए कारोबार शुरू करने की क्षमता को दर्शाता है।
अरोड़ा ने कहा कि पंजाब स्टार्टअप पॉलिसी 2026 के तहत नए उद्यमियों को कई सुविधाएं दी जा रही हैं। इनमें दो किस्तों में 15 लाख रुपये तक की सीड ग्रांट, ब्याज और लीज रेंटल सब्सिडी तथा सरकारी खरीद में प्राथमिकता शामिल है। उन्होंने बताया कि स्टेट्स स्टार्टअप रैंकिंग फ्रेमवर्क के चौथे और पांचवें संस्करण में पंजाब को टॉप परफॉर्मर के रूप में मान्यता मिली है।
मंत्री ने कहा कि सरकार युवाओं को वित्तीय सहायता, संस्थागत सहयोग, मेंटरशिप और बाजार तक पहुंच उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि उनके नए विचार सफल कारोबार में बदल सकें। उन्होंने स्टार्टअप संस्थापकों से छोटे लक्ष्य रखने के बजाय वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने वाली कंपनियां और यूनिकॉर्न बनाने का सपना देखने की अपील की।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण इन्वेस्टर पिचिंग सेशन रहा, जिसमें 10 स्टार्टअप ने निवेशकों और विशेषज्ञों की जूरी के सामने अपने बिजनेस मॉडल और आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन किया। इन स्टार्टअप ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, हेल्थटेक, एडवांस्ड मटीरियल, स्मार्ट मैन्युफैक्चरिंग, सस्टेनेबल टेक्नोलॉजी और कृषि तकनीक से जुड़े नवाचार प्रस्तुत किए।
इसके साथ आयोजित इनोवेशन प्रदर्शनी में पंजाब के उभरते उद्यमों ने स्मार्ट टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, न्यूट्रिशन साइंस, रोबोटिक्स, एजुकेशन टेक्नोलॉजी और पर्यावरण अनुकूल मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उत्पादों और तकनीकों का प्रदर्शन किया।
इस दौरान स्टार्टअप पंजाब ने जोहो कॉर्पोरेशन के साथ जोहो फॉर स्टार्टअप्स कार्यक्रम के तहत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इसके तहत पात्र और पंजीकृत स्टार्टअप को 1.86 लाख रुपये तक के मुफ्त जोहो वॉलेट क्रेडिट दिए जाएंगे। इनका इस्तेमाल डिजिटल बिजनेस सेवाओं और कारोबार के संचालन को बेहतर बनाने के लिए किया जा सकेगा।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रशासनिक सचिव डॉ. बसंत गर्ग ने कहा कि पंजाब इन्वेस्टर सर्किल स्टार्टअप को निवेशकों, उद्योगपतियों और वित्तीय संस्थानों से जोड़ने के लिए एक स्थायी मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। राज्य में 25 से अधिक मान्यता प्राप्त इनक्यूबेटर और एक्सीलरेटर भी काम कर रहे हैं। इसके अलावा आईआईटी रोपड़, आईआईएसईआर मोहाली, आईएसबी मोहाली, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, गडवासू और थापर इंस्टीट्यूट जैसे प्रमुख संस्थानों के साथ सहयोग किया जा रहा है।
कार्यक्रम में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के निदेशक जसप्रीत सिंह, पंजाब फाइनेंशियल कॉर्पोरेशन की एमडी सेनु दुग्गल और विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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