इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड (आईआरबी) ने माना है कि आरोपी लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा हुआ है, जो संगठित अपराध में शामिल है। इसी के साथ उसके कनाडा से भारत डिपोर्ट (प्रत्यर्पण) का रास्ता साफ हो गया है।