आम आदमी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए फिर जताया मुख्यमंत्री पर भरोसा; पांच साल के शासन, फैसलों और चुनावी वादों पर जनता की नजर
आम आदमी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव के लिए फिर जताया मुख्यमंत्री पर भरोसा; पांच साल के शासन, फैसलों और चुनावी वादों पर जनता की नजर
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 2027 के विधानसभा चुनाव में एक बार फिर धुरी से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने 40 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची में उनके नाम का ऐलान किया है। यह फैसला मान के राजनीतिक सफर में एक और अहम पड़ाव माना जा रहा है। मनोरंजन की दुनिया से राजनीति में कदम रखने वाले भगवंत मान सांसद बने और फिर पंजाब के मुख्यमंत्री पद तक पहुंचे। अब उनके सामने मुख्यमंत्री के रूप में पांच साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद दोबारा जनता का समर्थन हासिल करने की चुनौती होगी।
कॉमेडी की दुनिया से राजनीति तक का सफर
राजनीति में आने से पहले भगवंत मान एक लोकप्रिय कॉमेडियन के रूप में पहचान बना चुके थे। वर्ष 2011 में उन्होंने मनप्रीत सिंह बादल की पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब (पीपीपी) का दामन थामा। इसके बाद 2012 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लहरा सीट से अपनी पहली चुनावी किस्मत आजमाई, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली।
वर्ष 2014 में मान ने आम आदमी पार्टी में शामिल होकर अपने राजनीतिक सफर को नई दिशा दी। उन्होंने संगरूर लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय इंदर सिंगला को हराकर पहली बार संसद पहुंचे। इसके बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में भी उन्होंने संगरूर से जीत दर्ज की और लगातार दूसरी बार सांसद बने। इस जीत के साथ पंजाब की राजनीति में उनकी स्थिति और मजबूत हुई।
2022 में धुरी से जीतकर बने मुख्यमंत्री
2022 के विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी ने भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित किया था। इसके बाद उन्होंने सांसद पद से इस्तीफा देकर धुरी विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 16 मार्च 2022 को उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस तरह उनका सफर कॉमेडियन से सांसद और फिर मुख्यमंत्री तक पहुंचा।
अब आम आदमी पार्टी ने 2027 के चुनाव के लिए भी उन्हें धुरी से उम्मीदवार बनाया है। हालांकि, इस बार चुनावी मुकाबला पहले से अलग होगा। पिछली बार मान ने मुख्यमंत्री पद के चेहरे के रूप में चुनाव लड़ा था, जबकि अब वह पांच साल तक सरकार चलाने के बाद जनता के बीच दोबारा जनादेश मांगेंगे। ऐसे में उनकी सरकार का कार्यकाल, प्रमुख फैसले, चुनावी वादे और विभिन्न मुद्दों पर उसका प्रदर्शन चुनाव प्रचार के अहम विषय बन सकते हैं।
मौजूदा विधायकों पर भी आम आदमी पार्टी ने जताया भरोसा
आम आदमी पार्टी की पहली सूची में भगवंत मान के अलावा कई मौजूदा विधायकों को भी दोबारा टिकट दिया गया है। इनमें ऐसे नेता शामिल हैं, जिन्होंने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार जीत दर्ज की थी। पार्टी ने पहली सूची में 40 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं, जबकि बाकी 77 विधानसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा होना अभी बाकी है।
पार्टी पहले ही संकेत दे चुकी थी कि उम्मीदवारों के चयन में जनमत सर्वेक्षणों से मिले फीडबैक और मौजूदा विधायकों के प्रदर्शन को महत्व दिया जाएगा। पहली सूची में कई विधायकों को दोबारा मौका मिला है, जबकि इसमें जगह नहीं पाने वाले नेताओं के राजनीतिक भविष्य पर भी नजर रहेगी।
आम आदमी पार्टी बाकी उम्मीदवारों के नाम चरणबद्ध तरीके से घोषित कर सकती है। इनमें मंत्रियों, नए चेहरों और उन विधानसभा क्षेत्रों के नेताओं पर विशेष ध्यान रहेगा, जहां संगठनात्मक बदलाव हुए हैं।
भगवंत मान के लिए 2027 का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि वह इस बार केवल उम्मीदवार के रूप में नहीं, बल्कि मौजूदा मुख्यमंत्री के तौर पर धुरी लौटेंगे। चुनाव में जनता के सामने उनकी सरकार के पांच साल के कामकाज का आकलन करने और अगले कार्यकाल के लिए जनादेश देने का अवसर होगा।
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