शहरों और गांवों के नशा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती होगी; स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल विभाग भी अभियान में शामिल होंगे
शहरों और गांवों के नशा प्रभावित क्षेत्रों की पहचान कर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती होगी; स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल विभाग भी अभियान में शामिल होंगे
खबर खास | जालंधर
पंजाब सरकार ने नशे के सेवन और तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के लिए 60 दिवसीय विशेष अभियान चलाने की योजना बनाई है। इस अभियान के तहत शहरों और गांवों में नशे के संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी और वहां पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की जाएगी। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने बुधवार को यह जानकारी दी।
जालंधर स्थित पंजाब आर्म्ड पुलिस (पीएपी) परिसर में बोलते हुए गौरव यादव ने बताया कि नशे की समस्या से निपटने के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस योजना पर चर्चा की गई। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और खेल विभागों को भी अभियान में शामिल करने का फैसला लिया गया।
इस पहल के तहत सबसे पहले नशे से प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। प्रत्येक चिह्नित क्षेत्र में एक पुलिस अधिकारी और एक प्रशासनिक अधिकारी तैनात किया जाएगा, जो कार्रवाई और अन्य उपायों के बीच समन्वय स्थापित करेंगे।
सरकार का उद्देश्य केवल गिरफ्तारियों और नशीले पदार्थों की बरामदगी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रभावित इलाकों की स्थिति में सुधार के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। इनमें खेल मैदान विकसित करना, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाना तथा युवाओं को पुनर्वास केंद्रों और नशामुक्ति सेवाओं से जोड़ना शामिल है, ताकि उन्हें दोबारा समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके।
मार्च 2022 से अब तक एनडीपीएस अधिनियम के तहत 95 हजार से अधिक एफआईआर
नशा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई का ब्योरा देते हुए डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मार्च 2022 से अब तक पंजाब पुलिस ने मादक पदार्थ एवं मन:प्रभावी पदार्थ अधिनियम (एनडीपीएस) के तहत 95 हजार से अधिक एफआईआर दर्ज की हैं। इसी अवधि में 1.27 लाख से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
डीजीपी के अनुसार, पुलिस ने 7,200 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की है और नशा तस्करों से जुड़ी 902 करोड़ रुपये की संपत्तियों को फ्रीज किया है। उन्होंने कहा कि फ्रीज की गई संपत्तियों का यह मूल्य देश के राज्यों में सबसे अधिक है।
सरकार का लक्ष्य नशे के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ-साथ रोकथाम और पुनर्वास के उपायों को भी जोड़ना है। खास तौर पर युवाओं को नशे के सामाजिक दुष्प्रभावों से बचाने पर ध्यान दिया जाएगा।
गैंगस्टरों के 3,500 से अधिक सदस्य गिरफ्तार
गौरव यादव ने संगठित अपराध के खिलाफ पंजाब पुलिस की कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने 6 अप्रैल 2022 से अब तक विभिन्न आपराधिक गिरोहों के 3,526 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
जनवरी 2026 में शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने 1,288 गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। इसके अलावा, 2,507 आधुनिक हथियार जब्त किए गए और 752 वाहनों को कब्जे में लिया गया है।
पुलिस के आधुनिकीकरण पर 1,600 करोड़ रुपये से अधिक खर्च
पंजाब सरकार ने पुलिस बल की क्षमता, तकनीकी बुनियादी ढांचे और कार्यक्षमता को मजबूत करने के लिए 1,600 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है।
इस राशि का उपयोग आधुनिक पुलिस भवनों के निर्माण, उन्नत उपकरण और सॉफ्टवेयर उपलब्ध कराने तथा साइबर अपराध पुलिस थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए किया जा रहा है।
प्रस्तावित 60 दिवसीय अभियान के तहत कानून लागू करने वाली एजेंसियों, जनसेवाओं और सामुदायिक स्तर पर किए जाने वाले प्रयासों को एक साथ लाने की योजना है। इसका उद्देश्य पंजाब में नशा तस्करी पर अंकुश लगाना, नशे के सेवन को रोकना और प्रभावित युवाओं के पुनर्वास में सहायता करना है।
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