मुख्यमंत्री ने केंद्र पर पंजाब को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया; कहा—गुजरात से पंजाब में पहुंच रहा है नशा, राज्य को नशामुक्त बनाने के दावों पर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री ने केंद्र पर पंजाब को बदनाम करने की साजिश का आरोप लगाया; कहा—गुजरात से पंजाब में पहुंच रहा है नशा, राज्य को नशामुक्त बनाने के दावों पर उठाए सवाल
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मंगलवार को केंद्र सरकार पर पंजाब को बदनाम करने की साजिश रचने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि गुजरात से पंजाब में नशीले पदार्थ पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सवाल किया कि भारतीय जनता पार्टी को चुनाव के समय ही पंजाब में नशे का मुद्दा क्यों याद आता है।
अमित शाह मंगलवार को पंजाब के दौरे पर पहुंचे। राज्य में हाल की कई घटनाओं के बीच उनके दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री जब चाहें पंजाब आ सकते हैं, लेकिन इस दावे पर सवाल उठाया कि भाजपा पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए दौरा कर रही है।
एक लाइव प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मान ने नशा तस्करी पर भाजपा के रिकॉर्ड को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने वर्ष 2007 से 2017 के उस दौर का जिक्र किया, जब पंजाब में शिरोमणि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी गठबंधन की सरकार थी।
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि इस अवधि में नशा तस्करी बढ़ी थी। उन्होंने सवाल किया कि उस समय नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई। मान ने अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ केंद्रीय जांच ब्यूरो से जांच कराने की मांग का भी जिक्र किया और आरोप लगाया कि राजनीतिक गठबंधन के कारण कार्रवाई नहीं हुई।
मान ने पिछली सरकारों पर नशे की समस्या से प्रभावी ढंग से नहीं निपटने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि नशा तस्करों ने प्रभावशाली मंत्रियों के नाम लिए थे, लेकिन उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
मुख्यमंत्री ने अमित शाह से सवाल करते हुए कहा, “आप केंद्रीय गृह मंत्री हैं। पाकिस्तान से आने वाले नशे को क्यों नहीं रोकते? आपको पंजाब की याद सिर्फ चुनाव के समय ही क्यों आती है?” उन्होंने भाजपा पर विभाजनकारी राजनीति करने का आरोप भी लगाया।
मान ने यह भी आरोप लगाया कि अडानी समूह से जुड़े बंदरगाहों के माध्यम से देश में नशीले पदार्थों की बड़ी खेप पहुंची थी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस हजारों किलोग्राम वजन की नशीले पदार्थों की खेप जब्त कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने सवाल किया कि इन खेपों को पंजाब पहुंचने से पहले क्यों नहीं रोका गया।
उन्होंने राजस्थान में नशे की समस्या और हरियाणा में गैंगस्टरों की गतिविधियों का जिक्र करते हुए कहा कि भाजपा को केवल पंजाब को निशाना बनाने के बजाय इन चुनौतियों पर भी ध्यान देना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने केंद्र के तीन कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सीमाओं पर करीब डेढ़ साल तक चले आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हुई थी। मान ने सवाल किया कि उस समय भाजपा नेताओं ने मृतक किसानों के परिवारों से मिलकर उनके प्रति संवेदना क्यों नहीं जताई। उन्होंने दावा किया कि पंजाब सरकार ने आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों के पात्र परिवारों को पांच लाख रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरियां दीं।
मान के बयान अमित शाह के पंजाब दौरे के बीच आम आदमी पार्टी की सरकार और भाजपा के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के दौरान आए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र को पंजाब को राजनीतिक रूप से निशाना बनाने के बजाय सीमा पार से होने वाली नशा तस्करी रोकने और राज्य में नशीले पदार्थों की आपूर्ति पर अंकुश लगाने पर ध्यान देना चाहिए।
इससे पहले मंगलवार को मान ने घोषणा की कि नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपी जाएगी। इस फैसले के बाद पंजाब में कानून-व्यवस्था और नशे की समस्या को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
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