ऑपरेशन सेल ने एक जिगाना पिस्तौल, दो पीएफ-3 पिस्तौल, मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस किए बरामद; गुरुग्राम में रंगदारी के लिए फायरिंग की साजिश और सीमा पार ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई के लिंक की जांच जारी
ऑपरेशन सेल ने एक जिगाना पिस्तौल, दो पीएफ-3 पिस्तौल, मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस किए बरामद; गुरुग्राम में रंगदारी के लिए फायरिंग की साजिश और सीमा पार ड्रोन के जरिए हथियार सप्लाई के लिंक की जांच जारी
खबर खास | चंडीगढ़
स्वतंत्रता दिवस से पहले चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अवैध हथियार नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने हरियाणा के जींद जिले के रहने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अत्याधुनिक हथियार बरामद हुए हैं, जिनमें पाकिस्तान निर्मित जिगाना पिस्तौल भी शामिल है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजय (19), रोहित (18) और देव (18) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक जिगाना पिस्तौल, दो पीएफ-3 पिस्तौल, दो मैगजीन और 19 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 15 अगस्त के मद्देनजर चंडीगढ़ में बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था के तहत विशेष चेकिंग अभियान के दौरान की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, तीनों आरोपी कथित तौर पर दीपक नांदल गैंग से जुड़े हुए हैं और गुरुग्राम में रंगदारी से जुड़े एक मामले में फायरिंग की वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे। जांच में सामने आया है कि आरोपियों को कथित तौर पर हमले से पहले निशाने की रेकी करने के लिए गुरुग्राम भेजा गया था।
पुलिस के मुताबिक, अजय जींद में मारुति से जुड़ी एक इकाई में हेल्पर के तौर पर काम करता था, जबकि रोहित एक इलेक्ट्रिकल की दुकान पर और देव दुकान पर हेल्पर के रूप में काम करता था। पुलिस का आरोप है कि अजय ने ही दोनों युवकों की गैंग से जुड़े लोगों से पहचान कराई थी। कथित तौर पर उन्हें बड़ी रकम कमाने का लालच देकर आपराधिक नेटवर्क में शामिल किया गया।
स्वतंत्रता दिवस समारोहों को देखते हुए चंडीगढ़ में चल रही सघन सुरक्षा जांच के दौरान तीनों की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर दीपक नांदल गैंग से अपने संपर्कों के बारे में जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया।
जांच के दौरान पुलिस को हथियारों की कथित सीमा पार सप्लाई के एक नेटवर्क के संकेत भी मिले हैं। पुलिस अमृतसर जिले के कक्कड़ गांव निवासी निशान सिंह (32) की भूमिका की भी जांच कर रही है। आरोप है कि उसके पाकिस्तान स्थित हथियार सप्लायरों से संपर्क थे।
पुलिस को संदेह है कि निशान सिंह डेयरी कारोबार की आड़ में सीमा पार से ड्रोन के जरिए गिराए गए हथियारों को हासिल करता था और फिर उन्हें उत्तर भारत के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय गैंग सदस्यों तक पहुंचाता था।
अब जांच एजेंसियां पाकिस्तान स्थित हथियार सप्लायरों की पहचान करने, पहले भेजी गई हथियारों की खेप का पता लगाने और बरामद हथियारों के किसी पुराने आपराधिक मामले में इस्तेमाल होने की संभावना की जांच कर रही हैं।
चंडीगढ़ पुलिस ने इस कार्रवाई को स्वतंत्रता दिवस से पहले बड़ी सफलता बताया है। पुलिस का कहना है कि समय रहते हुई गिरफ्तारियों से गुरुग्राम में रंगदारी से जुड़ी संभावित फायरिंग की वारदात को टालने में मदद मिली हो सकती है।
फिलहाल जांच जारी है। पुलिस का फोकस पूरे गैंग नेटवर्क को तोड़ने, कथित अंतरराष्ट्रीय हथियार सप्लाई चेन का पता लगाने और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने पर है।
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