पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा- सिंचाई व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती और किसान कल्याण उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं
पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा- सिंचाई व्यवस्था, पारदर्शी भर्ती और किसान कल्याण उनकी सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं रही हैं
खबर खास | मोगा
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को मोगा के चड़िक गांव में आयोजित लोक मिलनी (जन संवाद) कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने अपने साढ़े चार साल के कार्यकाल की उपलब्धियां गिनाईं और विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला।
भीषण गर्मी के बावजूद कार्यक्रम में पहुंचने के लिए लोगों का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री मान ने कहा कि उनकी सरकार को कई वर्षों से लंबित चुनौतियां विरासत में मिली थीं, जिन्हें हल करने के लिए समय और निरंतर प्रयासों की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने कृषि क्षेत्र को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सबसे ऊपर रखा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले किसानों को अपने खेतों की सिंचाई के लिए देर रात तक इंतजार करना पड़ता था। इस दौरान उन्हें सांप के काटने और खराब मौसम जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि पिछले नेताओं और विपक्षी नेताओं ने कभी खेतों में रात के समय काम करने वाले किसानों की मुश्किलों को महसूस नहीं किया।
मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि अधिकारियों से विचार-विमर्श के बाद उनकी सरकार ने सिंचाई व्यवस्था में सुधार किया है। अब किसानों को आमतौर पर सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक दिन के समय नहर का पानी उपलब्ध कराया जाता है, जबकि पहले उन्हें अक्सर देर रात सिंचाई के लिए पानी मिलता था।
मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की भर्ती नीति को भी प्रमुख उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि अब सरकारी नौकरियां पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं तथा राजनीतिक सिफारिश या पैसे के प्रभाव की कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि मंत्रियों, विधायकों और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी नियुक्ति में पक्षपात या रिश्वतखोरी नहीं होनी चाहिए।
एक घटना का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री मान ने दावा किया कि एक विधायक ने एक पसंदीदा उम्मीदवार को सरकारी नौकरी दिलाने का अनुरोध किया था, जबकि उस उम्मीदवार के अंक अन्य अभ्यर्थियों से कम थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने यह अनुरोध ठुकरा दिया और स्पष्ट किया कि भर्ती प्रक्रिया मेरिट के आधार पर ही होगी। साथ ही उम्मीदवार को अगले वर्ष दोबारा परीक्षा देने की सलाह दी गई।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने चुनौती दी कि यदि उनके कार्यकाल के दौरान किसी व्यक्ति ने पैसे या सिफारिश के जरिए सरकारी नौकरी हासिल की है, तो वह सामने आए। उन्होंने अपनी सरकार की तुलना पिछली सरकारों से करते हुए आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान भ्रष्टाचार व्यापक स्तर पर फैला हुआ था। इस दौरान उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में सार्वजनिक कार्यों के लिए पैसे लिए जाते थे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दोहराया कि उनकी सरकार पारदर्शी शासन, किसान कल्याण और साफ-सुथरी एवं मेरिट आधारित भर्ती व्यवस्था के लिए प्रतिबद्ध है।
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