अल्बानिया में लगातार आठवें दिन सरकार विरोधी प्रदर्शन, इटली में हिंसा के बाद सुरक्षा कानून सख्त; नेपल्स में ट्रक चालकों की हड़ताल से आपूर्ति प्रभावित, फ्रांस में कर्फ्यू बढ़ाया गया
अल्बानिया में लगातार आठवें दिन सरकार विरोधी प्रदर्शन, इटली में हिंसा के बाद सुरक्षा कानून सख्त; नेपल्स में ट्रक चालकों की हड़ताल से आपूर्ति प्रभावित, फ्रांस में कर्फ्यू बढ़ाया गया
खबर खास | पेरिस/रोम
यूरोप के कई देशों में बढ़ती महंगाई, ईंधन की आसमान छूती कीमतों, आवास संकट और सार्वजनिक सेवाओं की बिगड़ती स्थिति के खिलाफ विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। अल्बानिया, इटली और फ्रांस में प्रदर्शन, हड़ताल और सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच जन असंतोष बढ़ता दिखाई दे रहा है।
अल्बानिया की राजधानी तिराना में मंगलवार को लगातार आठवें दिन सरकार विरोधी प्रदर्शन जारी रहे। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
वहीं, इटली में सप्ताहांत के दौरान हुई हिंसा के बाद सरकार ने सुरक्षा संबंधी सख्त उपायों को मंजूरी दी है। देश के दक्षिणी हिस्से में ट्रक चालकों की हड़ताल से सुपरमार्केट और पेट्रोल पंपों तक सामान पहुंचाने में परेशानी होने लगी है। फ्रांस के कई शहरों में भी सप्ताहांत के दौरान हिंसा और लूटपाट की घटनाओं के बाद कर्फ्यू बढ़ा दिया गया है।
अल्बानिया में लगातार आठवें दिन प्रदर्शन
तिराना में मंगलवार को सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव जारी रहा। हालात नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शनों में हाई स्कूल और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी भी शामिल हो गए हैं। वे फीस कम करने, शिक्षा क्षेत्र में सरकारी निवेश बढ़ाने और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारी व्यापक सरकार विरोधी आंदोलन के तहत समाजवादी प्रधानमंत्री एदी रामा के इस्तीफे की मांग भी कर रहे हैं।
पिछले कई दिनों के दौरान प्रदर्शनकारियों द्वारा पुलिस पर पत्थर, ज्वलनशील बोतलें, आग जलाने वाली सामग्री और पटाखे फेंकने की खबरें सामने आई हैं। इसके जवाब में पुलिस ने लाठियों, आंसू गैस और पानी की बौछारों का इस्तेमाल किया। इसके चलते राजधानी के मध्य हिस्से में बार-बार झड़पें हुई हैं।
यह अशांति कई महीनों से जारी प्रदर्शनों के बाद और बढ़ गई है। इनमें अल्बानिया के दक्षिणी तट पर प्रस्तावित एक बड़ी पर्यटन परियोजना के खिलाफ तथाकथित फ्लेमिंगो आंदोलन द्वारा आयोजित प्रदर्शन भी शामिल हैं। इस परियोजना का संबंध अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर द्वारा स्थापित एक निवेश कंपनी से बताया गया है।
इटली में सुरक्षा कानून सख्त करने को मंजूरी
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने मंगलवार को सुरक्षा संबंधी कई सख्त उपायों को मंजूरी दी। यह फैसला सप्ताहांत में उत्तरी इटली के कई शहरों में हुई हिंसक घटनाओं के बाद लिया गया।
प्रस्तावित उपायों में प्रदर्शनों के दौरान हिंसक गतिविधियों से संबंधित नया अपराध शामिल है। इसके अलावा, दंगा करने पर सख्त सजा और तोड़फोड़ या लूटपाट में शामिल नाबालिगों के मामलों में उनके माता-पिता को आर्थिक रूप से जिम्मेदार ठहराने संबंधी प्रावधान भी शामिल हैं।
यह निर्णय देश की वित्तीय राजधानी मिलान में हुई घटनाओं के बाद लिया गया है। खबरों के मुताबिक, युवाओं के कुछ समूहों ने दुकानों की खिड़कियां तोड़ीं, दुकानों में लूटपाट की और पुलिसकर्मियों पर हमले किए।
सरकार ने यह कदम ऐसे समय उठाया है, जब सार्वजनिक व्यवस्था को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं और आर्थिक परेशानियों के कारण लोगों में असंतोष गहरा रहा है।
फ्रांस में सप्ताहांत की हिंसा के बाद बढ़ाया गया कर्फ्यू
फ्रांस के कई शहरों में सप्ताहांत के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट की घटनाओं के बाद कर्फ्यू की अवधि बढ़ा दी गई है।
पेरिस में स्थानीय प्रशासन ने लगातार दूसरी रात प्रतिबंध लागू किए। इन प्रतिबंधों के तहत निर्धारित समय के दौरान लोगों की सड़कों पर आवाजाही और सार्वजनिक स्थानों पर मौजूदगी पर रोक लगाई गई।
प्रशासन का उद्देश्य सप्ताहांत की अशांति के बाद दोबारा हिंसा की घटनाओं को रोकना और सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना है।
दक्षिणी इटली में ट्रक चालकों की हड़ताल से आपूर्ति प्रभावित
ईंधन की बढ़ती कीमतों के कारण इटली में विरोध का एक और दौर शुरू हो गया है। नेपल्स में ट्रक चालकों की एक सप्ताह की हड़ताल से आवश्यक वस्तुओं की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
आपूर्ति व्यवस्था पर दबाव बढ़ने के कारण कुछ सुपरमार्केट की अलमारियों और पेट्रोल पंपों पर सामान की कमी दिखाई देने लगी है।
एसोसिएटेड प्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को प्रदर्शनकारियों ने नेपल्स के पास सुपरमार्केट के वितरण गोदामों में ताजा खाद्य पदार्थों और अन्य सामान की लोडिंग तथा अनलोडिंग रोक दी। इससे खुदरा दुकानों तक सामान की आपूर्ति प्रभावित हुई।
यदि हड़ताल जारी रहती है, तो आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता को लेकर चिंताएं और बढ़ सकती हैं।
आवास संकट से पूरे यूरोप में बढ़ रहा असंतोष
अल्बानिया, इटली और फ्रांस में विरोध प्रदर्शनों के स्थानीय कारण अलग-अलग हैं, लेकिन बढ़ती जीवन-यापन लागत, महंगा ईंधन, आवास की कमी और सार्वजनिक सेवाओं से असंतोष इन आंदोलनों में प्रमुख मुद्दे बनकर उभरे हैं।
स्पेन और पुर्तगाल में भी प्रदर्शनकारियों ने आवास की बढ़ती कीमतों की ओर ध्यान आकर्षित करने के लिए तंबू लगाकर विरोध जताया है। वहां लोग किफायती आवास हासिल करने में आ रही कठिनाइयों को लेकर चिंता व्यक्त कर रहे हैं।
ग्रीस में भी व्यापक जन असंतोष के बीच मंगलवार शाम और बुधवार को रैलियों तथा विरोध प्रदर्शनों की तैयारी की जा रही थी। इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि यूरोप के कई हिस्सों में आर्थिक दबाव और जीवन-यापन से जुड़ी समस्याओं को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ रही है।
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