सरयू और त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान, मंदिरों-मठों में विशेष पूजा; वाराणसी में गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का विषय
सरयू और त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान, मंदिरों-मठों में विशेष पूजा; वाराणसी में गंगा का बढ़ता जलस्तर बना चिंता का विषय
खबर खास | उत्तर प्रदेश
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश बुधवार को गहरी धार्मिक आस्था और भक्ति के रंग में रंगा नजर आया। अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हजारों भक्तों ने पवित्र नदियों में स्नान कर अपने गुरुओं का आशीर्वाद लिया, मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की और समाज की सुख-समृद्धि एवं विश्व कल्याण की कामना की। पूरे दिन धार्मिक आयोजनों और आध्यात्मिक कार्यक्रमों से प्रदेश का माहौल भक्तिमय बना रहा।
अयोध्या धाम में गुरु पूर्णिमा का उत्सव विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। देशभर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने सबसे पहले सरयू नदी में पवित्र स्नान किया और इसके बाद रामनगरी के विभिन्न मंदिरों एवं मठों में दर्शन कर अपने आध्यात्मिक गुरुओं से आशीर्वाद प्राप्त किया। मणि राम दास छावनी में बड़ी संख्या में भक्त एकत्र हुए, जहां महंत कमलनयन दास ने श्रद्धालुओं को शिष्यत्व की दीक्षा दी। इस दौरान मंगल आरती, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।
उधर, प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर भी गुरु पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखने को मिला। सुबह से ही हजारों भक्त संगम तट पर पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाते रहे। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने अपने गुरुओं की पूजा की, धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया और जरूरतमंदों को दान देकर समाज के कल्याण की प्रार्थना की। संगम पहुंचे कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे सुबह तड़के ही पहुंच गए थे ताकि भीड़ बढ़ने से पहले पवित्र स्नान कर सकें और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त कर सकें।
इस बीच वाराणसी में गंगा नदी का लगातार बढ़ता जलस्तर प्रशासन और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का कारण बना हुआ है। पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते गंगा का पानी तेजी से बढ़ रहा है, जिससे कई छोटे घाट और नदी किनारे स्थित मंदिर जलमग्न हो चुके हैं। स्थानीय पुजारियों का कहना है कि जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों तक पहुंचना मुश्किल होता जा रहा है और यदि यही स्थिति बनी रही तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ सकती हैं।
हालांकि गंगा के बढ़ते जलस्तर और अन्य चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। पूरे उत्तर प्रदेश में भक्तों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ गुरु पूर्णिमा के पर्व को मनाया, जिससे भारतीय संस्कृति में गुरु परंपरा के प्रति लोगों की अटूट आस्था और विश्वास एक बार फिर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।
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