मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता वाली समिति ने 399.85 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी; अनुमानित लागत से 19.49 करोड़ रुपये की बचत, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर लाइनों की मरम्मत और पंचकूला में नए विभागीय भवन सहित कई कार्य होंगे।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता वाली समिति ने 399.85 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी; अनुमानित लागत से 19.49 करोड़ रुपये की बचत, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, सीवर लाइनों की मरम्मत और पंचकूला में नए विभागीय भवन सहित कई कार्य होंगे।
खबर खास | पंचकूला
हरियाणा सरकार ने राज्य में पेयजल आपूर्ति और सीवरेज ढांचे को बेहतर बनाने के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 399.85 करोड़ रुपये की 13 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं की अनुमानित लागत 419.34 करोड़ रुपये थी। इस तरह सरकार ने निर्धारित अनुमान से 19.49 करोड़ रुपये की बचत की है।
इन परियोजनाओं को बुधवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई उच्चाधिकार प्राप्त खरीद समितियों की बैठक में मंजूरी दी गई। स्वीकृत कार्यों में रोहतक, सिंहपुरा और सुखपुरा चौक में सीवर लाइनों की मरम्मत, शहजादपुर में सीवरेज नेटवर्क और 3 एमएलडी क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करना तथा यमुनानगर जिले के जगाधरी में सीवरेज व्यवस्था में सुधार करना शामिल है।
हिसार में 33.95 करोड़ रुपये की लागत से 10 एमएलडी क्षमता वाला सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और पंपिंग स्टेशन बनाया जाएगा।
गुरुग्राम के चंदू बुढ़ेरा में 49.50 करोड़ रुपये की लागत से स्वचालित 100 एमएलडी क्षमता वाला जल शोधन संयंत्र और जल भंडारण सुविधा विकसित की जाएगी। वहीं, पंचकूला में 58.50 करोड़ रुपये की लागत से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग का नया भवन बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार पर्याप्त मात्रा में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल कार्यों, जलापूर्ति केंद्रों और पाइपलाइनों को मजबूत कर रही है। जल कार्यों और आपूर्ति केंद्रों पर पानी के रिसाव को रोकने के लिए प्रबलित सीमेंट कंक्रीट का इस्तेमाल किया जाएगा।
बैठक में लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा, सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री श्रुति चौधरी और शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा भी मौजूद रहे।
अन्य परियोजनाओं को भी मंजूरी
सरकार ने पंचकूला में 18.40 करोड़ रुपये की लागत से लोकायुक्त भवन और अंबाला में 22.80 करोड़ रुपये की लागत से टीबी अस्पताल बनाने की परियोजनाओं को भी मंजूरी दी।
शिक्षा क्षेत्र में जींद स्थित चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में 54.50 करोड़ रुपये की लागत से शैक्षणिक भवन बनाया जाएगा। इसके अलावा, मीरपुर विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए 14.50 करोड़ रुपये की लागत से 224 बिस्तरों वाला छात्रावास बनाया जाएगा।
चरखी दादरी के पिचोपा में 11.60 करोड़ रुपये की लागत से कृत्रिम रनिंग ट्रैक वाला एथलेटिक्स स्टेडियम विकसित किया जाएगा। वहीं, सोहना में 51 करोड़ रुपये की लागत से एक कन्वेंशन सेंटर बनाया जाएगा। इसमें सभागार, दुकानें, 50 कमरों वाला होटल और पार्किंग की सुविधा होगी।
अन्य स्वीकृत कार्यों में गाडोली के रास्ते गुरुग्राम-पटौदी रोड को द्वारका एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले मार्ग को 30.85 करोड़ रुपये की लागत से मजबूत करना, राष्ट्रीय राजमार्ग-709 का शेष निर्माण कार्य पूरा करना और पंचकूला में 34.30 करोड़ रुपये की लागत से दो वर्षा जल निकासी नालों का निर्माण शामिल है।
इसके अतिरिक्त, चीका, धांडूर, हांसी और जुलाना में अनाज भंडारण के लिए गोदाम बनाए जाएंगे। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
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