पूर्व आईटीबीपी और एसपीजी कर्मी नंद लाल ने 2007 से लगातार चार विधानसभा चुनावों में रामपुर सीट पर जीत दर्ज की; रामपुर सर्किट हाउस में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, लवी मेले की गतिविधियां स्थगित
पूर्व आईटीबीपी और एसपीजी कर्मी नंद लाल ने 2007 से लगातार चार विधानसभा चुनावों में रामपुर सीट पर जीत दर्ज की; रामपुर सर्किट हाउस में श्रद्धांजलि कार्यक्रम, लवी मेले की गतिविधियां स्थगित
खबर खास | रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रामपुर से चार बार विधायक रहे नंद लाल का मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को 72 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से रामपुर और शिमला जिले के आसपास के क्षेत्रों में शोक की लहर है।
नंद लाल का सरकारी सेवा से राजनीति तक का सफर उल्लेखनीय रहा। चुनावी राजनीति में आने से पहले उन्होंने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) में सेवाएं दीं। इसके अलावा उन्हें विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) में भी काम करने का अनुभव था। सरकारी सेवा से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने के बाद वह कांग्रेस में शामिल हुए और राजनीतिक जीवन की शुरुआत की।
उनके सम्मान में मंगलवार दोपहर 3 बजे रामपुर सर्किट हाउस में शोक एवं श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें कांग्रेस के नेता, पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल होकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देंगे और सार्वजनिक जीवन में उनके योगदान को याद करेंगे।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उनके पार्थिव शरीर को शाम 5 बजे उनके पैतृक गांव देवठी ले जाया जाएगा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
उधर, नंद लाल के निधन को देखते हुए प्रशासन ने अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 के तहत 3 और 4 नवंबर को निर्धारित गतिविधियां स्थगित कर दी हैं। उनके निधन से रामपुर की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है।
नंद लाल का जन्म 16 अप्रैल 1954 को रामपुर बुशहर के देवठी गांव में हुआ था। उन्होंने हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की। शिक्षा के बाद वह आईटीबीपी में भर्ती हुए और बाद में कमांडो यूनिट तथा एसपीजी सहित सुरक्षा से जुड़े विभिन्न कार्यों में सेवाएं दीं।
उन्होंने वर्ष 2007 में रामपुर विधानसभा क्षेत्र से अपना पहला चुनाव लड़ा और भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार बृज लाल को 6,470 मतों से हराया। इसके बाद उन्होंने लगातार जीत का सिलसिला जारी रखा। वर्ष 2012 में उन्होंने 9,471 मतों और 2017 में 4,037 मतों के अंतर से जीत दर्ज की। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने केवल 567 मतों के अंतर से सीट बरकरार रखी और लगातार चौथी बार विधायक बने।
विधायक बनने के बाद वर्ष 2013 में उन्हें मुख्य संसदीय सचिव नियुक्त किया गया। उन्होंने विधानसभा की विभिन्न समितियों में भी जिम्मेदारी निभाई। वर्ष 2022 में लगातार चौथी जीत के बाद उन्हें विधानसभा की कल्याण समिति का अध्यक्ष बनाया गया।
मार्च 2024 में हिमाचल प्रदेश सरकार ने उन्हें सातवें राज्य वित्त आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया था। इस पद के साथ उन्हें कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया था। नंद लाल को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का करीबी सहयोगी भी माना जाता था।
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