शिक्षकों का ड्रेस कोड 1 अक्टूबर से लागू करने की तैयारी, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों की नई रंग योजना 2027-28 से लागू करने का प्रस्ताव
शिक्षकों का ड्रेस कोड 1 अक्टूबर से लागू करने की तैयारी, विद्यार्थियों की यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों की नई रंग योजना 2027-28 से लागू करने का प्रस्ताव
खबर खास | शिमला
हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों में अब यूनिफॉर्म से लेकर स्कूल भवनों के लुक तक बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड, विद्यार्थियों के लिए यूनिफॉर्म और स्कूल भवनों के लिए अलग एवं विशिष्ट रंग योजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए हैं। हालांकि विद्यार्थियों की नई यूनिफॉर्म को लेकर फिलहाल 2026-27 सत्र में कोई तत्काल बदलाव नहीं किया गया है। शिक्षा निदेशालय के आधिकारिक स्पष्टीकरण के अनुसार मौजूदा यूनिफॉर्म ही जारी रहेगी और नई व्यवस्था पर आगे फैसला लिया जाएगा।
2027-28 से लागू हो सकती है नई यूनिफॉर्म
सरकार की योजना के तहत विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए एक समान और व्यवस्थित ड्रेस व्यवस्था तैयार की जाएगी। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि नई यूनिफॉर्म को तकनीकी शिक्षा विभाग तथा नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी जैसी उपयुक्त एजेंसियों से सलाह लेकर अंतिम रूप दिया जाएगा। नई व्यवस्था को 2027-28 के शैक्षणिक सत्र से लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
शिक्षकों का ड्रेस कोड 1 अक्टूबर से
मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों के लिए नया ड्रेस कोड 1 अक्टूबर 2026 से लागू किया जाएगा। इसके लिए शिक्षा विभाग को जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि निर्धारित ड्रेस व्यवस्था से स्कूलों में अनुशासन और पेशेवर माहौल को मजबूत किया जा सकेगा।
स्कूल भवनों की भी बदलेगी पहचान
नई यूनिफॉर्म के साथ-साथ सरकारी सीबीएसई स्कूलों के भवनों के लिए भी अलग और विशिष्ट रंग योजना तैयार करने की योजना है। इसका उद्देश्य इन स्कूलों को एक समान पहचान देना है। इसके अलावा इन स्कूलों के लिए एक कॉमन लोगो को अंतिम रूप देने पर भी शिक्षा विभाग के साथ चर्चा की गई है।
दिन में तीन बार लगेगी विद्यार्थियों की हाजिरी
सरकार ने स्कूलों में अनुशासन और समय की पाबंदी बढ़ाने के लिए विद्यार्थियों की उपस्थिति दिन में तीन बार दर्ज करने का भी फैसला किया है। सरकारी CBSE स्कूलों में सुबह, लंच और छुट्टी के समय हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था लागू करने की तैयारी है।
ग्रामीण बच्चों को सस्ती CBSE शिक्षा देने पर जोर
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए सरकारी CBSE स्कूलों को मजबूत कर रही है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को निजी CBSE स्कूलों की तुलना में कम खर्च में CBSE शिक्षा उपलब्ध कराने का लक्ष्य है। सरकार ने इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की है और भविष्य में खाली होने वाले पदों को भी प्राथमिकता के आधार पर भरने के निर्देश दिए हैं।
इस तरह हिमाचल के सरकारी CBSE स्कूलों में बदलाव केवल यूनिफॉर्म तक सीमित नहीं रहेगा। नई ड्रेस व्यवस्था, स्कूल भवनों की अलग पहचान, कॉमन लोगो और तीन बार हाजिरी जैसी व्यवस्थाओं के जरिए सरकार इन स्कूलों में अनुशासन, एकरूपता और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
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