छात्र की मौत के बाद लगाए गए आरोपों पर शिक्षाविदों ने मांगी निष्पक्ष जांच, शिक्षक को डांटने और जातिसूचक टिप्पणी के बीच फर्क स्पष्ट करने की जरूरत बताई