जापान को 4-1 से हराकर भारत बना चैंपियन; कप्तान हरमनप्रीत बने 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट', कृष्ण बहादुर पाठक 'बेस्ट गोलकीपर'
जापान को 4-1 से हराकर भारत बना चैंपियन; कप्तान हरमनप्रीत बने 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट', कृष्ण बहादुर पाठक 'बेस्ट गोलकीपर'
खबर खास | मोहाली/जालंधर
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के पंजाब को ग्लोबल हॉकी के नक्शे पर स्थापित करने के विजन को उस समय ऐतिहासिक सफलता मिली, जब भारतीय हॉकी टीम ने हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया। मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में खेले गए खिताबी मुकाबले में भारत ने जापान को 4-1 से हराकर ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
पंजाब के दो प्रमुख हॉकी सेंटरों—जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम और मोहाली स्टेडियम में आयोजित इस टूर्नामेंट ने दुनिया भर के खेल प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अजेय रहते हुए लगातार 7 मैच जीते और रिकॉर्ड छठी बार खिताब अपने नाम किया।
शुरुआती झटके के बाद भारत की धमाकेदार वापसी
फाइनल के तीसरे मिनट में ही जापान के काजुमासा मात्सुमोतो ने गोल करके भारत को बैकफुट पर धकेल दिया था। हाफ-टाइम तक जापानी टीम 1-0 से बढ़त बनाए हुए थी। लेकिन इसके बाद भारतीय टीम ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया।
42वें मिनट में शीलांनद लकड़ा ने बराबरी का गोल किया, 47वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने भारत को 2-1 से आगे कर दिया, 52वें मिनट में जुगराज सिंह ने स्कोर 3-1 किया और 53वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने चौथा गोल करके 4-1 की एकतरफा जीत पक्की कर दी। आखिरी 18 मिनटों में दागे गए 4 गोलों ने पूरे मैच का रुख बदल दिया।
हरमनप्रीत बने 'टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी', 250 अंतरराष्ट्रीय गोल पूरे
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पूरे टूर्नामेंट में छाए रहे। 10 गोल दागकर वह टूर्नामेंट के 'टॉप स्कोरर' और 'प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट' चुने गए। इस टूर्नामेंट के दौरान ही उन्होंने सीनियर अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपने 250 गोल पूरे करने की बड़ी उपलब्धि हासिल की।
वहीं, कृष्ण बहादुर पाठक को टूर्नामेंट के 'सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर' का पुरस्कार मिला। उनके कई शानदार बचावों की बदौलत भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय बनी रही।
2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पंजाब की दावेदारी मजबूत
लीग मुकाबलों की मेजबानी जालंधर ने और नॉकआउट मुकाबलों की मेजबानी मोहाली ने शानदार तरीके से की। दर्शकों के अभूतपूर्व उत्साह और विश्व स्तरीय सुविधाओं की सराहना पूरे एशिया से आई टीमों और अधिकारियों ने की। इस सफल आयोजन से पंजाब न केवल भारतीय हॉकी का गढ़ साबित हुआ है, बल्कि उसने 2030 के हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए भी अपनी मजबूत दावेदारी पेश कर दी है।
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