भारी बारिश और जलभराव के बावजूद भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार
भारी बारिश और जलभराव के बावजूद भगवान जगन्नाथ के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार
खबर खास | पुरी (ओडिशा)
विश्व प्रसिद्ध जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 का बुधवार को ओडिशा के पुरी में भव्य शुभारंभ हुआ। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ के दर्शन और रथ यात्रा में शामिल होने के लिए पुरी पहुंचे हैं। यह वार्षिक धार्मिक उत्सव 27 जुलाई तक चलेगा और इसका समापन पारंपरिक नीलाद्री बीजे समारोह के साथ होगा।
रथ यात्रा के दौरान श्री जगन्नाथ मंदिर के सिंहद्वार (लायन गेट) के पास भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भीड़ के कारण कुछ श्रद्धालुओं की तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें स्ट्रेचर के जरिए सुरक्षित बाहर निकाला गया।
इस अवसर पर अपनी माता के साथ रथ यात्रा में शामिल हुए भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि इस वर्ष 25 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के दर्शन के लिए पुरी पहुंचे हैं।
उन्होंने कहा, "पुरी की सड़कें और बाजार श्रद्धालुओं से पूरी तरह भरे हुए हैं। हर कोई भगवान जगन्नाथ के दर्शन करने और रथ को स्पर्श करने के लिए उत्साहित है। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बावजूद प्रशासन की व्यवस्थाएं बेहद उत्कृष्ट हैं।"
तरुण चुघ ने बताया कि उन्होंने भगवान जगन्नाथ से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के संकल्प की सफलता, देश की खुशहाली तथा विश्व में शांति, सौहार्द और भाईचारे की कामना की।
हालांकि इस बार रथ यात्रा की शुरुआत भारी बारिश के बीच हुई। मंगलवार रात से शुरू हुई लगातार बारिश बुधवार को भी जारी रही, जिससे बड़ा डांडा (ग्रैंड रोड) के कई हिस्सों में जलभराव हो गया।
लगातार बारिश के कारण हजारों श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। यात्रा शुरू होने से पहले ही भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के तीनों भव्य रथ भी बारिश में भीग गए।
रथ यात्रा मार्ग पर कई स्थानों पर जलभराव होने से श्रद्धालुओं और प्रशासन के सामने चुनौतियां जरूर आईं, लेकिन भगवान जगन्नाथ के प्रति श्रद्धा और आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। भारी बारिश के बावजूद लाखों श्रद्धालु पूरे उत्साह और भक्ति भाव के साथ इस ऐतिहासिक और पवित्र रथ यात्रा में शामिल हुए।
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