कहा, पंजाब की पवित्र धरती, जहां श्री गुरु नानक देव जी ने ‘सो क्यों मंदा आखिए’ की शिक्षा दी, वहां माताओं और बेटियों का अपमान बहुत शर्मनाक
कहा, पंजाब की पवित्र धरती, जहां श्री गुरु नानक देव जी ने ‘सो क्यों मंदा आखिए’ की शिक्षा दी, वहां माताओं और बेटियों का अपमान बहुत शर्मनाक
खबर खास, चंडीगढ़ :
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज पंजाब की महिलाओं के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली अपमानजनक टिप्पणियों के लिए भुलत्थ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा की कड़े शब्दों में निंदा की। पंजाब विधानसभा की कार्यवाही के दौरान बोलते हुए और इसके बाद विधानसभा के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए हरपाल सिंह चीमा ने मांग की कि कांग्रेस हाईकमान द्वारा सुखपाल सिंह खैरा को उनके इस निंदनीय व्यवहार और पंजाब की माताओं एवं बेटियों के प्रति की गई अपमानजनक टिप्पणियों के लिए तुरंत पार्टी से बाहर किया जाना चाहिए।
सुखपाल सिंह खैरा द्वारा यह कहे जाने कि ‘मावां धियां सत्कार योजना’ के तहत 1000 रुपये की घोषणा का जश्न मनाने वाली महिलाएं बहादुरों को कैसे जन्म दे सकती हैं, के विरोध में वित्त मंत्री ने उनकी कड़ी आलोचना की।
विधायक खैरा की इस टिप्पणी का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि यह बेहद शर्मनाक है कि एक राजनेता, जो उस प्रदेश से कई बार चुना गया है जहां श्री गुरु नानक देव जी ने “सो क्यों मंदा आखिए जितु जंमहि राजान” (जिस स्त्री से राजा जन्म लेते हैं, उसे बुरा कहना ठीक नहीं) का संदेश दिया, वह राज्य की माताओं और बेटियों का इस तरह अपमान कैसे कर सकता है।
वित्त मंत्री ने कहा कि ऐसा घिनौना बयान उस पंजाब की धरती के लिए हैरान करने वाला और अस्वीकार्य है, जिसने हमेशा महिलाओं के सम्मान और गरिमा को बनाए रखा है। उन्होंने आगे कहा कि एक अनुभवी राजनेता द्वारा महिलाओं के खिलाफ ऐसा बयान देना उसकी घटिया और निम्न मानसिकता को दर्शाता है और उन मूल्यों का भी अपमान करता है जिन पर हमारा समाज आधारित है।
विधानसभा के बाहर मीडिया को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि पंजाब कांग्रेस नेतृत्व अपनी भाषा पर नियंत्रण और राजनीतिक समझ पूरी तरह खो चुका है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी पहले ही कांग्रेस की राज्य इकाई के नेतृत्व को अपने व्यवहार पर ध्यान देने की चेतावनी दे चुके हैं।
पंजाब सरकार की महिला-समर्थक पहलों के प्रभाव को उजागर करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाल ही में हुई बजट चर्चा और ‘मावां धियां सत्कार योजना’ का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह योजना उन महिलाओं के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जिन्हें पहले अपनी छोटी-छोटी जरूरतों के लिए भी अपने पिता, भाइयों या पतियों पर निर्भर रहना पड़ता था।
कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि उनकी कैबिनेट सहयोगी डॉ. बलजीत कौर ने बजट चर्चा के दौरान स्पष्ट किया था कि सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये और अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1500 रुपये की वित्तीय सहायता उनकी आर्थिक स्वतंत्रता और सम्मान को और मजबूत करेगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि कांग्रेस विधायक का ऐसा बयान पूरी तरह उनकी राजनीतिक हताशा को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस तथ्य को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा कि ‘आप’ सरकार ने शासन के मात्र चार वर्षों के भीतर अपनी पांच प्रमुख गारंटियों को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
पंजाब विधानसभा में महिलाओं के इस अपमान की निंदा के लिए लाए गए प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने सदन के सभी सदस्यों से सुखपाल सिंह खैरा द्वारा किए गए गैर-जिम्मेदाराना और महिला विरोधी व्यवहार के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सदन को कड़ा संदेश देना चाहिए कि पंजाब की महिलाओं के प्रति अपमान किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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