वार मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों से मिले मुख्यमंत्री; दिव्यांग पूर्व सैनिकों को बांटे पांच दोपहिया वाहन, युवाओं से सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर देश सेवा का आह्वान
वार मेमोरियल पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों से मिले मुख्यमंत्री; दिव्यांग पूर्व सैनिकों को बांटे पांच दोपहिया वाहन, युवाओं से सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर देश सेवा का आह्वान
ख़बर ख़ास | चंडीगढ़
कारगिल विजय दिवस के अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता की रक्षा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने वार मेमोरियल पर पुष्पमाला अर्पित कर कारगिल युद्ध के शहीदों को नमन किया और कहा कि भारतीय सैनिकों की अद्वितीय वीरता, साहस और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को हमेशा देशभक्ति और राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि कारगिल युद्ध में देश की रक्षा करते हुए 527 वीर जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, जिनमें पंजाब के 65 वीर सपूत भी शामिल थे। उन्होंने कहा कि इन वीर जवानों की शहादत हर पंजाबी और प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व का विषय है। शहीद जवान केवल अपने परिवारों के नहीं, बल्कि पूरे देश की सबसे बड़ी धरोहर हैं और उनके बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
उन्होंने कहा कि पंजाब का इतिहास वीरों की बहादुरी और महान बलिदानों से लिखा गया है। जो समाज अपने इतिहास और शहीदों का सम्मान करता है, वही निरंतर प्रगति करता है। वर्ष 1999 के कारगिल युद्ध को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उस कठिन समय में पूरा देश एकजुट होकर भारतीय सेना के साथ खड़ा था। बर्फीली चोटियों से लेकर तपते रेगिस्तान तक हमारे जवान आज भी देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए पूरी बहादुरी से डटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीद जवानों के परिवारों और पूर्व सैनिकों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान शहीद होने वाले प्रत्येक सैनिक के परिवार को राज्य सरकार एक करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान करती है। इस दौरान उन्होंने शहीद परिवारों और पूर्व सैनिकों से मुलाकात की तथा दिव्यांग पूर्व सैनिकों को पांच दोपहिया वाहन वितरित किए।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने एनसीसी कैडेटों तथा महाराजा रणजीत सिंह और माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट, मोहाली के कैडेटों से बातचीत कर उन्हें सशस्त्र सेनाओं में शामिल होकर देश सेवा के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सेवा करना सबसे महान दायित्वों में से एक है और पंजाब सरकार युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए हरसंभव सहयोग देगी।
श्रद्धांजलि समारोह के दौरान 'लास्ट पोस्ट' की धुन बजाई गई और दो मिनट का मौन रखा गया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने पीएपी बैंड द्वारा प्रस्तुत गार्ड ऑफ ऑनर की सलामी ली। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत और सशस्त्र बलों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
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