बेटियों की शादी के लिए पात्र बीसी और ईडब्ल्यूएस परिवारों को 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता; 19 जिलों के लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से मिली राशि
बेटियों की शादी के लिए पात्र बीसी और ईडब्ल्यूएस परिवारों को 51,000 रुपये की आर्थिक सहायता; 19 जिलों के लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के माध्यम से मिली राशि
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान आशीर्वाद योजना के तहत 2,769 पात्र परिवारों को लाभ पहुंचाने के लिए ₹14.12 करोड़ जारी किए हैं। यह आर्थिक सहायता पिछड़ा वर्ग (बीसी) और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से संबंधित पात्र परिवारों को उनकी बेटियों की शादी के खर्च में मदद करने के उद्देश्य से दी गई है। इससे परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करने में सहायता मिलेगी।
इस पहल की जानकारी देते हुए सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि राज्य के 19 जिलों से आशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से प्राप्त 2,769 पात्र आवेदनों के बाद यह राशि जारी की गई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी, प्रभावी और समयबद्ध तरीके से जरूरतमंद लाभार्थियों तक पहुंचे।
मंत्री के अनुसार, लाभार्थियों में पटियाला के 556, गुरदासपुर के 401, फाजिल्का के 347, होशियारपुर के 162, रूपनगर के 161, लुधियाना के 151, मालेरकोटला के 117, एसएएस नगर के 108, श्री मुक्तसर साहिब के 105, संगरूर के 94, फिरोजपुर के 91, बरनाला के 85, श्री फतेहगढ़ साहिब के 83, मोगा के 73, SBS नगर के 65, बठिंडा और पठानकोट के 61-61, फरीदकोट के 31 तथा जालंधर के 17 परिवार शामिल हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि आशीर्वाद योजना के तहत कम आय वाले परिवारों की पात्र बेटियों की शादी के लिए ₹51,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक कठिनाइयां बेटियों की शादी के महत्वपूर्ण अवसर में बाधा न बनें।
योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का पंजाब का स्थायी निवासी होना आवश्यक है। इसके साथ ही परिवार का बीपीएल श्रेणी से संबंधित होना और अनुसूचित जाति (एससी), पिछड़ा वर्ग (बीसी) या अन्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से होना जरूरी है।
परिवार की सभी स्रोतों से वार्षिक आय ₹32,790 से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा, एक पात्र परिवार की अधिकतम दो बेटियां ही इस योजना का लाभ प्राप्त कर सकती हैं।
मंत्री ने बताया कि आर्थिक सहायता प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) प्रणाली के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। इससे योजना में पारदर्शिता, जवाबदेही और समय पर भुगतान सुनिश्चित होता है।
सामाजिक कल्याण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर जरूरतमंद परिवार तक पहुंचे। सरकार का लक्ष्य राज्य में सामाजिक न्याय, आर्थिक सुरक्षा और समावेशी विकास को बढ़ावा देना है।
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