19 विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की; दिल्ली में सुरक्षा कर्मियों ने इंडिया गठबंधन के नेताओं को रोका
19 विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की; दिल्ली में सुरक्षा कर्मियों ने इंडिया गठबंधन के नेताओं को रोका
खबर खास | नई दिल्ली
19 विपक्षी दलों के सांसदों ने मंगलवार को दिल्ली में ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकाला और मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
विपक्षी नेता नई संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर मार्च कर रहे थे। हालांकि, आकाशवाणी कार्यालय के पास सुरक्षा कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को रोक दिया और उन्हें आगे बढ़ने नहीं दिया।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी हाथ में तिरंगा लेकर पुलिस की कार्रवाई के विरोध में बैरिकेड पर चढ़ गए। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और एक बस में ले जाया गया।
विपक्षी सांसद ‘लोकतंत्र बचाओ’ का बैनर लेकर पहुंचे थे और “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” के नारे लगा रहे थे। मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ पिछले पांच दिनों से प्रदर्शन जारी हैं।
राहुल गांधी को एक पोस्टर पकड़े हुए भी देखा गया, जिस पर लिखा था, “ज्ञानेश, इट्स डन ब्रो”। इसके जरिए विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त से पद छोड़ने की मांग की।
इंडिया गठबंधन ने चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी पांच प्रमुख मांगें रखी हैं:
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और मतदाता सूचियों में कथित हस्तक्षेप की जांच में सहयोग।
मतदाता सूचियों में नाम जोड़ने, हटाने और सुधार से जुड़ी पूरी जानकारी बूथ और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर सार्वजनिक की जाए।
किसी भी वैध मतदाता का नाम बिना पूर्व सूचना और अपील का अवसर दिए मतदाता सूची से नहीं हटाया जाए।
विपक्ष ने आशंका जताई है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हट सकते हैं। उसने मांग की है कि भविष्य के चुनावों के लिए एसआईआर से पहले तैयार मतदाता सूचियों का इस्तेमाल किया जाए।
विपक्ष ने ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से मतदान की वापसी और पहली बार मतदाता बनने वालों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने की मांग भी की है।
इंडिया गठबंधन के दलों ने कहा कि वे चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और संस्थागत जवाबदेही के मुद्दे पर एकजुट रहेंगे। उनका कहना है कि लोकतंत्र में अंतिम अधिकार जनता के पास होना चाहिए।
संसद से चुनाव आयोग की ओर निकाले गए ताजा मार्च में आम आदमी पार्टी और डीएमके शामिल नहीं हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया है कि एसआईआर प्रक्रिया के कारण मतदाता सूचियों से करीब 13 करोड़ नाम हटा दिए गए। यह आरोप विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच विवाद का एक प्रमुख मुद्दा बन गया है।
इंडिया गठबंधन ने इससे पहले 11 अगस्त 2025 को भी संसद भवन से चुनाव आयोग कार्यालय तक इसी तरह का मार्च निकाला था। उस प्रदर्शन में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, शरद पवार और 25 विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए थे।
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