छात्रों के विरोध के बीच विश्वविद्यालय ने मृतका के परिवार को ₹16 लाख मुआवजा और भाई को नौकरी देने का दिया आश्वासन
छात्रों के विरोध के बीच विश्वविद्यालय ने मृतका के परिवार को ₹16 लाख मुआवजा और भाई को नौकरी देने का दिया आश्वासन
खबर खास | चंडीगढ़
पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) परिसर में करंट लगने से पीएचडी स्कॉलर ज्योति की दर्दनाक मौत के एक दिन बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बुधवार को जांच पूरी होने तक दो इंजीनियरिंग अधिकारियों को निलंबित कर दिया।
निलंबित अधिकारियों में कार्यकारी अभियंता-II (अतिरिक्त प्रभार) अनिल ठाकुर और उप मंडल अभियंता (इलेक्ट्रिकल) लखविंदर सिंह धनोआ शामिल हैं। विश्वविद्यालय द्वारा जारी अलग-अलग कार्यालय आदेशों में कहा गया है कि दोनों अधिकारी जांच पूरी होने या अगले आदेश तक निलंबित रहेंगे।
बुधवार को ज्योति का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसके बाद उनका परिवार अंतिम संस्कार के लिए पार्थिव शरीर को हरियाणा के महेंद्रगढ़ ले गया।
यह हादसा मंगलवार सुबह पंजाब यूनिवर्सिटी परिसर में हुई भारी बारिश के दौरान हुआ था। दक्षिण परिसर के हॉस्टल नंबर-10 में रहने वाली पीएचडी छात्रा ज्योति, हॉस्टल नंबर-8 के पास फुटपाथ से गुजर रही थीं, तभी वह करंट की चपेट में आ गईं और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया और कुलपति (वीसी) कार्यालय का घेराव कर कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। देर रात तक चले प्रदर्शन के दौरान ज्योति का परिवार भी परिसर पहुंच गया।
परिवार के साथ लंबी बातचीत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने ₹16 लाख की आर्थिक सहायता देने और मृतका के भाई को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का आश्वासन दिया।
विश्वविद्यालय अधिकारियों के अनुसार, ज्योति के भाई ने 12वीं कक्षा पास की है और इलेक्ट्रिकल ट्रेड में आईटीआई डिप्लोमा किया हुआ है। उन्हें पंजाब सरकार के नियमों के तहत पंजाब यूनिवर्सिटी में इलेक्ट्रीशियन के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इस पद पर उन्हें ₹19,900 मूल वेतन, ₹400 ग्रेड पे, महंगाई भत्ता तथा अन्य निर्धारित भत्ते मिलेंगे।
दुर्घटनास्थल का निरीक्षण करने वाली टीम की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि हॉस्टल नंबर-8 के पिछले गेट के पास फुटपाथ पर जंक्शन बॉक्स और बिजली की केबलें खुले में पड़ी थीं। इनमें से एक केबल कटी हुई थी और बारिश के पानी व नमी के कारण उसमें स्पार्किंग हुई, जिससे पूरे गीले फुटपाथ पर करंट फैल गया।
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, भारी बारिश के कारण सड़क पर करीब आधा फुट पानी भर गया था, जिसके चलते ज्योति को फुटपाथ से होकर गुजरना पड़ा, जहां क्षतिग्रस्त केबल मौजूद थी।
जिस स्थान पर हादसा हुआ, वह हॉस्टल नंबर-8 के मुख्य प्रवेश द्वार से लगभग 50 मीटर दूर है, जहां सामान्यतः सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। हालांकि यह स्थान पिछले गेट से केवल 15 मीटर की दूरी पर है, जहां कथित तौर पर कोई सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।
प्रत्यक्षदर्शियों और सूत्रों के मुताबिक, ज्योति के परिवार के परिसर पहुंचने से कुछ समय पहले विश्वविद्यालय के कर्मचारी मौके पर पहुंचे, उन्होंने जंक्शन बॉक्स बंद किए और क्षेत्र को बैरिकेडिंग कर दिया। इससे पहले तक छात्र और अन्य लोग उसी रास्ते से लगातार गुजर रहे थे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित कर दी है। जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
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