सिख संगठनों ने सजा पूरी कर चुके बंदियों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग उठाई
सिख संगठनों ने सजा पूरी कर चुके बंदियों की रिहाई और जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने की मांग उठाई
खबर खास | मोहाली/चंडीगढ़
पंजाब में गुरुवार को कौमी इंसाफ मोर्चा की ओर से सुबह 7 बजे से दोपहर 2 बजे तक बुलाए गए राज्यव्यापी बंद का व्यापक असर देखने को मिला। बंद के कारण कई जिलों में परिवहन सेवाएं, बाजार, शैक्षणिक संस्थान और व्यावसायिक गतिविधियां प्रभावित रहीं।
बंद का आह्वान सिख बंदियों की रिहाई और पूर्व पंजाब मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए जगतार सिंह हवारा को पैरोल देने समेत विभिन्न मांगों को लेकर किया गया था। मोर्चा उन सिख कैदियों की रिहाई की मांग कर रहा है, जो अपनी निर्धारित सजा पूरी कर चुके हैं।
बंद के दौरान चंडीगढ़-खरड़ हाईवे पर प्रदर्शनकारियों ने रास्ता रोक दिया, जिससे यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। हिमाचल प्रदेश से आने वाली बसों को खरड़ में रोक दिया गया। चंडीगढ़ और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्रियों को सामान लेकर पैदल आगे बढ़ने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अमृतसर में भी बस सेवाएं प्रभावित रहीं और बड़ी संख्या में बसें सड़कों से नदारद रहीं। जालंधर और खरड़ में बाजार बंद रहे। व्यापारियों से शॉपिंग मॉल, थोक बाजार और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई थी।
मोर्चा की ओर से राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और जिला स्तर की सड़कों पर भी प्रदर्शन करने का ऐलान किया गया था। इससे बसों, टैक्सियों और ऑटो-रिक्शा की आवाजाही प्रभावित हुई। प्रदर्शनकारियों की ओर से रेलवे ट्रैक पर धरना देने की घोषणा के चलते रेल यातायात पर भी असर पड़ने की आशंका बनी रही।
चंडीगढ़ और मोहाली के कई स्कूल बंद रहे। प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने भी बंद को देखते हुए शिक्षण संस्थानों में अवकाश रखने की अपील की थी। वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अधीन चलने वाले कार्यालय और शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहे।
राज्य के कई हिस्सों में बंद के कारण जनजीवन प्रभावित रहा। प्रशासन और पुलिस ने स्थिति पर नजर बनाए रखी और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी।
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January 18, 2026
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