पंजाब की 40 प्रतिशत वित्तीय हिस्सेदारी के बावजूद कई पद खाली रहने से राज्य को नहीं मिल रहा था पर्याप्त प्रतिनिधित्व; नए सेवा नियमों से सीधी भर्ती का रास्ता साफ
पंजाब की 40 प्रतिशत वित्तीय हिस्सेदारी के बावजूद कई पद खाली रहने से राज्य को नहीं मिल रहा था पर्याप्त प्रतिनिधित्व; नए सेवा नियमों से सीधी भर्ती का रास्ता साफ
खबर खास | चंडीगढ़
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में पंजाब के हिस्से के 2,452 पदों के लिए अलग कैडर बनाने से संबंधित विभागीय सेवा नियमों को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद इन पदों पर सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। इससे पंजाब के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
राज्य सरकार के अनुसार, बीबीएमबी के कुल खर्च में पंजाब की 40 प्रतिशत वित्तीय हिस्सेदारी है। इसके बावजूद राज्य के हिस्से में आने वाले कई पद लंबे समय से खाली पड़े थे और इन रिक्तियों पर दूसरे राज्यों के कर्मचारियों की नियुक्तियां की जाती रही हैं। सरकार का कहना है कि इससे बीबीएमबी में पंजाब को उसकी वित्तीय हिस्सेदारी के अनुपात में पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल पा रहा था।
नवंबर 2025 में 2,452 पदों के अलग कैडर को मिली थी मंजूरी
पंजाब सरकार ने बताया कि 15 नवंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक में बीबीएमबी के लिए 2,452 पदों का विशेष कैडर बनाने को मंजूरी दी गई थी। इन पदों के लिए भर्ती नियम और अन्य सेवा शर्तें भी तैयार कर ली गई थीं। अब विभागीय सेवा नियमों को कैबिनेट की स्वीकृति मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। इससे राज्य के योग्य उम्मीदवारों को इन पदों पर सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति पाने का अवसर मिल सकेगा।
बीबीएमबी में पंजाब की हिस्सेदारी सुरक्षित करने की दिशा में कदम
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड की स्थापना पंजाब पुनर्गठन अधिनियम, 1966 के तहत भाखड़ा और ब्यास बांध परियोजनाओं के प्रबंधन के लिए की गई थी। पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान इस बोर्ड के भागीदार राज्य हैं। ये राज्य अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रतिनियुक्ति के आधार पर बोर्ड में भेजते हैं।
पंजाब सरकार का कहना है कि अलग कैडर बनने से राज्य के लिए निर्धारित पदों पर पंजाब के कर्मचारियों की नियुक्ति सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इससे राज्य के हिस्से के पदों को दूसरे राज्यों के कर्मचारियों से भरने की व्यवस्था में बदलाव आएगा और पंजाब के प्रतिनिधित्व को मजबूत किया जा सकेगा।
कैबिनेट के इस फैसले को राज्य सरकार पंजाब के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और बीबीएमबी में राज्य की भागीदारी मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बता रही है। अब विभागीय सेवा नियमों को मंजूरी मिलने के बाद इन पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
Like
Dislike
Love
Angry
Sad
Funny
Wow
पंजाब : सभी पुलिस थानों व सरकारी स्थानों पर मौजूद लावारिस वाहन 30 दिन के भीतर हटाने के आदेश
January 18, 2026
Comments 0