कैशलेस इलाज पर राज्य सरकार ने खर्च किए ₹316.5 करोड़ से अधिक; डायलिसिस, घुटना प्रत्यारोपण (नी रिप्लेसमेंट), एंजियोप्लास्टी और मातृ स्वास्थ्य सेवाएँ सबसे ज्यादा ली जाने वाली प्रक्रियाओं में शामिल।